फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Ghazipur News: पंडित जी को भी देनी होगी गवाही, तभी रजिस्टर्ड होगी शादी

विज्ञापन
विज्ञापन
गाजीपुर। परिवार की मर्जी के बिना चोरी से शादी को अब रजिस्टर्ड नहीं करा पाएंगे। शादी रजिस्टर्ड कराने के लिए वर-वधू पक्षों के रक्त संबंधियों में से एक-एक गवाह की मौजूदगी अनिवार्य कर दी गई है।
विज्ञापन

शादी कराने वाले पंडित-पुरोहित को भी अब शपथ पत्र पर गवाही देनी होगी कि उन्होंने वर-वधू की शादी करवाई है। इसके अलावा साक्ष्य के रूप में शादी की वीडियो क्लिप भी विवाह पंजीकरण अधिकारी को उपलब्ध करानी होगी। ये सभी दस्तावेज शादी के साक्ष्य के रूप में सुरक्षित रखे जाएंगे।
पहले शादी का पंजीकरण कराना आसान था। अब कई जिलों में फर्जी शादियों के भी पंजीकरण के मामले सामने आए। इसी बीच शनिदेव बनाम उत्तर प्रदेश सरकार के एक मामले में हाईकोर्ट के इसे गंभीरता से लिया और विवाह पंजीकरण नियमावली में संशोधन करने का आदेश दिया है, ताकि फर्जी शादियों के पंजीकरण पर रोक लगे।
विज्ञापन

हाईकोर्ट के आदेश के अनुपालन में आईजी निबंधन ने विवाह पंजीकरण के संबंध में नए दिशा-निर्देश जारी किए, जो उप्र विवाह पंजीकरण नियमावली-2017 में संशोधन होने या नए नियमों के प्रभावी होने तक जिले में भी लागू किया गया है।
अब नए आदेश के तहत विवाह पंजीकरण के लिए आवेदन उसी कार्यालय में स्वीकार किए जाएंगे, जहां वर या वधू अथवा उनके माता-पिता सामान्य रूप से निवास कर रहे हों।
अपंजीकृत किरायानामा भी स्वीकार नहीं किया जाएगा। गवाह के तौर पर माता-पिता, भाई-बहन, दादा-दादी, नाना-नानी या पुत्र-पुत्री का होना अनिवार्य है। इस दौरान शपथ पत्र भी देना होगा, जिस पर शपथकर्ता का पूरा नाम, पिता का नाम, पता, आधार कार्ड की प्रति, कोई अन्य वैध पहचान पत्र, मोबाइल नंबर, पुरोहित की पासपोर्ट आकार की फोटो लगाई जाएगी।
शपथ पत्र में बताना होगा कि उन्होंने ही वर और वधू का विवाह संपन्न कराया है। पंजीकरण के समय विवाह संस्कार की वीडियो रिकॉर्डिंग पेन ड्राइव में विवाह पंजीकरण अधिकारी को देनी होगी, जो अग्रिम आदेश तक कार्यालय में सुरक्षित रखी जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें