गाजीपुर। शासन की ओर से युक्तधारा पोर्टल लांच किया गया है। युक्तधारा पोर्टल पर ग्राम पंचायतों का विवरण दर्ज किया जाएगा। दर्ज विवरण के आधार पर संबंधित ग्राम पंचायतों में मनरेगा के तहत विकास कार्य कराए जाएंगे। इससे विकास कार्यों में पारदर्शिता आएगी। जनपद में 1238 ग्राम पंचायतें हैं। इन सभी ग्राम पंचायतों का विवरण युक्तधारा पोर्टल पर दर्ज किया जाएगा। डीसी मनरेगा विजय यादव ने बताया कि शासन की ओर से निर्देश दिया गया है कि गांवों में मनरेगा के तहत होने वाले विकास कार्यों को युक्तधारा पोर्टल के माध्यम से किया जाएगा। खंड विकास अधिकारी की लॉगिन से अब ग्राम पंचायतों में कार्य नहीं होगा। युक्तधारा पोर्टल आधारित जीआईएस योजना से पंचायत सेवकों को मनरेगा के कार्यों को विस्तृत व बेहतर जानकारी मिलेगी। जीआईएस आधारित ग्राम पंचायत योजना के क्रियान्वयन के लिए युक्तधारा पोर्टल के उपयोग को बढ़ावा देना है। इससे योजनाओं के सटीक व सफल क्रियान्वयन सुनिश्चित होगा। पोर्टल में हर योजना का जियो-टैगिंग किया जाएगा, जिससे यह साफ-साफ पता चलेगा कि किस पंचायत में कौन-सा कार्य पहले से हो चुका है और कहां नई योजनाओं की आवश्यकता है। अब तक ग्रामीण क्षेत्रों में अक्सर एक ही स्थान पर बार-बार योजनाएं चला दी जाती थीं, लेकिन इस पोर्टल से दोहराव पर पूरी तरह रोक लगेगी। इस पोर्टल पर पंचायत स्तर पर उपलब्ध सभी सरकारी, गैर सरकारी संसाधन जैसे तलाब, विद्यालय, पंचायत भवन, खेल का मैदान, कूप आदि का पूरा ब्याैरा रहेगा। अब गांव का कोई भी व्यक्ति ऑनलाइन यह देख सकेगा कि उसकी पंचायत में कौन-से कार्य पूरे हो चुके हैं और आगे कौन-सी योजनाएं प्रस्तावित हैं। ग्रामीणों की इस भागीदारी से योजनाओं पर नजर रखना आसान होगा।
ये है युक्तधारा पोर्टल-युक्तधारा एक भू-स्थानिक नियोजन पोर्टल है। इसका उद्देश्य पूरे ग्राम पंचायत स्तर पर मनरेगा गतिविधियों की योजना बनाना आसान बनाना है। यह पोर्टल विभिन्न प्रकार की स्थानिक सूचना सामग्री को एकीकृत करता है, ताकि ओपन-सोर्स जीआईएस उपकरणों का उपयोग करके नियोजन के लिए एक समग्र दृष्टिकोण को सक्षम किया जा सके। केंद्र सरकार ने युक्तधारा पोर्टल के रूप में एक ऐसा डिजिटल प्लेटफॉर्म विकसित किया है, जहां सभी योजनाओं का रिकॉर्ड ऑनलाइन उपलब्ध होगा।
ये है पोर्टल की विशेषता-युक्तधारा पोर्टल की सबसे खास बात यह है कि इसमें भुवन मैप का उपयोग किया जा रहा है, जो इसरो द्वारा विकसित भारत का स्वदेशी भू-स्थानिक प्लेटफॉर्म है। इससे विदेशी गूगल मैप पर निर्भरता समाप्त होगी और स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप अधिक सटीक जानकारी मिलेगी। भुवन न केवल सरकारी विभागों के लिए उपयोगी है बल्कि आम लोग भी इसे अपने मोबाइल में डाउनलोड कर उपयोग कर सकते हैं। इसमें स्टैंडर्ड मोड, थीमैटिक मोड, डेटा हब एंड एनालिटिक्स, गवर्नेंस मोड और डिजास्टर सर्विसेज जैसी सुविधाएं हैं। इसके जरिए प्राकृतिक संसाधनों का बेहतर प्रबंधन, आपदा की स्थिति में त्वरित राहत कार्य और विकास योजनाओं की प्रभावी मॉनिटरिंग संभव हो सकेगी।
जिले की ग्राम पंचायतों का विवरण युक्तधारा पोर्टल पर दर्ज होगा। इससे विकास कार्यों में पारदर्शिता आएगी। - विजय यादव, डीसी मनरेगा