शहर के ददरीघाट पर बेदी पूजन करतीं व्रती महिलाएं। संवाद
गाजीपुर। छठ महापर्व के दूसरे दिन रविवार को महिलाओं ने दिनभर खरना का निर्जल व्रत रखा। सूर्यास्त होने पर पूजा-अर्चना के बाद व्रती महिलाओं ने खीर और रोटी ग्रहण की।सोमवार यानी आज व्रती महिलाएं अस्ताचलगामी और मंगलवार को उदयाचलगामी भास्कर को अर्घ्य देंगी। इसी के साथ चार दिनों के छठ महापर्व का समापन भी हो जाएगा। रविवार को दिनभर निर्जल उपवास रखने के बाद शाम में व्रतियों ने चूल्हे को स्थापित किया। अक्षत, धूप, दीप व सिंदूर से इसकी पूजा की। प्रसाद के लिए रखे आटे से रोटी तथा साठी के चावल की खीर बनाई। वहीं, पर खरना अनुष्ठान किया। साथ ही व्रतियों ने 36 घंटे का निर्जला व्रत आरंभ कर दिया। जिले के 593 छठ घाटों पर सोमवार की दोपहर से श्रद्धालुओं के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो जाएगा। सिर पर पूजा सामग्री एवं प्रसाद से भरा दउरा लेकर व्रती महिलाओं के परिजन चलेंगे।व्रती महिलाएं छठ का गीत गाते घाटों पर जाएंगी, जिससे छठ घाटों का नजारा मेले जैसा नजर आएगा।दूसरी ओर, रविवार को दिनभर बाजारों में भारी भीड़ रही। खरीदारों के आवक से साथ ही शहर के मुख्य बाजार मिश्रबाजार, लाल दरवाजा, चीतनाथ, महुआबाग, गांधीपथ, बंशी बाजार, लंका, स्टेशनरोड, सिंचाई विभाग चौराहा के दुकानदारों के चेहरे खिले दिखे। खरीदारों की भीड़ से यातायात व्यवस्था बेपटरी नजर आई और शहर में जाम की स्थिति रही। हालांकि यातायात प्रभारी मनीष त्रिपाठी दिन भर हमराहियों के साथ ट्रैफिक को नियंत्रित करने में जुटे रहे। देवकली : डाला छठ को लेकर रविवार को क्षेत्र के विभिन्न गांवों के बाजार गुलजार रहे। पियरी, पहाड़पुर, बासूचक, रामपुर मांझा, भितरी, ध्रुवार्जुन, मौधिया आदि जगहों पर लोगों को फल व पूजन सामग्रियों की खरीदारी करते हुए देखा गया। बहादुरगंज : डाला छठ की तैयारी को लेकर नगर पंचायत प्रशासन की ओर से तैयारियों को अंतिम रूप दे दिया गया है। नगर पंचायत के अधिशासी अधिकारी धीरेंद्र कुमार राय ने बताया कि तमसा नदी के घाटों की रंगाई का कार्य पूरा हो गया हे। नाव से लेकर प्रकाश की व्यवस्था की गई है।