गाजीपुर। रजिस्ट्री की प्रक्रिया को और पारदर्शी बनाने के लिए नई व्यवस्था लागू की गई है। अब 10 लाख रुपये से अधिक की संपत्ति रजिस्ट्री के लिए पैन कार्ड का सत्यापन अनिवार्य कर दिया गया है। इसके साथ ही, रजिस्ट्री प्रक्रिया को और सुरक्षित बनाने के लिए क्रेता और विक्रेता के मोबाइल नंबर पर ओटीपी (वन टाइम पासवर्ड) भेजा जाएगा।इस ओटीपी को कंप्यूटर सिस्टम में दर्ज करने के बाद ही रजिस्ट्री की आगे की कार्रवाई पूरी हो सकेगी। भविष्य में आधार कार्ड के सत्यापन को भी इस प्रक्रिया में शामिल करने की योजना पर काम चल रहा है। नई व्यवस्था के तहत, जैसे ही रजिस्ट्री के दस्तावेज स्कैन कर सिस्टम में अपलोड किए जाते हैं, क्रेता और विक्रेता के रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर तुरंत ओटीपी प्राप्त होता है। इस ओटीपी को कंप्यूटर में फीड करने के बाद ही रजिस्ट्री की प्रक्रिया आगे बढ़ती है। इसके अतिरिक्त, पैन कार्ड के विवरण, जैसे कि नाम, पता और पैन नंबर, को भी दस्तावेजों के साथ प्रारूप में दर्ज करना होता है और इसे स्कैन कर अपलोड किया जाता है।
अनियमितता पर लगेगा अंकुश-अलग-अलग डेटा के सत्यापन के लिए कई बार ओटीपी भेजे जाते हैं, जिससे यह सुनिश्चित होता है कि रजिस्ट्री प्रक्रिया पूरी तरह से पारदर्शी और सुरक्षित हो। इस नई व्यवस्था का मुख्य उद्देश्य संपत्ति रजिस्ट्री में होने वाली धोखाधड़ी को रोकना है। पहले कई मामलों में फर्जी दस्तावेजों या गलत पहचान के आधार पर रजिस्ट्री कराई जाती थी, जिससे सरकार को राजस्व का नुकसान होता था और विवादों की स्थिति उत्पन्न हो जाती थी। पैन कार्ड सत्यापन और ओटीपी आधारित प्रक्रिया लागू होने से ऐसी अनियमितताओं पर अंकुश लगेगा।
ओटीपी आधारित सत्यापन से न केवल प्रक्रिया में तेजी आएगी, बल्कि यह भी सुनिश्चित होगा कि रजिस्ट्री में शामिल सभी पक्षों की पहचान सही हो। भविष्य में आधार कार्ड सत्यापन को भी इस प्रक्रिया में शामिल करने की योजना है, जिससे रजिस्ट्री प्रक्रिया और भी मजबूत होगी।-सुनील कुमार भारती, उप निबंधक सदर