गाजीपुर। पेट्रोल पंपों के अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) जारी करने में विभागीय लापरवाही सामने आई है। बृहस्पतिवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला की अध्यक्षता में हुई समीक्षा बैठक में विभिन्न कंपनियों और विभागों के पास करीब 116 से अधिक प्रकरण लंबित पाए गए, जिस पर डीएम ने नाराजगी जताई। इसके अलावा बैठक में मण्डी सचिव जंगीपुर की अनुपस्थिति को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी ने उनका वेतन अगले आदेश तक रोकने के निर्देश दिए।
समीक्षा में सामने आया कि आईओसी के 12, सीपीसीएल के एक, बीपीसीएल के 12, एचपीसीएल के नौ और जियो-बीपी के तीन प्रकरण लंबित हैं। विभागवार स्थिति और भी चिंताजनक रही। वन विभाग के पास सबसे अधिक 23, विद्युत विभाग के पास 20, एनएचएआई गाजीपुर के पास 14, अग्निशमन विभाग के पास 10 और राष्ट्रीय राजमार्ग खंड वाराणसी के पास नौ प्रकरण अटके हुए हैं। इसके अलावा विभिन्न उपजिलाधिकारियों और अन्य विभागों के पास भी कई फाइलें लंबित पड़ी हैं।
लंबित मामलों की अधिक संख्या पर डीएम ने कड़ी नाराजगी जताते हुए सभी संबंधित अधिकारियों को एक सप्ताह के भीतर आख्या प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। साथ ही जिन मामलों में आवेदकों को शुल्क जमा करना है, उन्हें भी शीघ्र भुगतान सुनिश्चित कराने को कहा गया। बैठक में मण्डी सचिव जंगीपुर की अनुपस्थिति को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी ने उनका वेतन अगले आदेश तक रोकने के निर्देश दिए। डीएम की सख्ती के बावजूद लंबे समय से लंबित प्रकरणों ने विभागीय कार्यशैली पर सवाल खड़े कर दिए हैं।