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आम बजट से किसान खुश, तो यवा व छात्र मायूस

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शहर के मिश्रबाजार में एक दुकान में टीवी पर बजट देखते लोग। - फोटो : GHAZIPUR
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गाजीपुर। शनिवार को वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा सदन में पेश किए गए बजट से जहां ज्यादातर लोग खुश हैं, वहीं कुछ मायूस भी हैं। बजट से जिन्हें राहत मिली है, वह खूबियां गिनाते मिले और जिनकी उम्मीदें पूरी नहीं हुई, वह खामियां बताते रहें। बजट में खास बात टैक्सपेयर्स के लिए रही। सरकार ने टैक्स स्लैब की नई व्यवस्था लागू की है। इसके तहत, पांच लाख तक के आय वालों को कोई कर नहीं देना होगा लेकिन इससे कर देने वालों की मिलीजुली प्रतिक्रिया रही। इस व्यवस्था से मध्यमवर्गीय लोगों को भले ही फायदा पहुंचे लेकिन अन्य लोग संतुष्ट नहीं हैं। बजट से किसान और बैंक खाताधारकों को राहत मिलने की बात कही जा रही है। किसानों को जैविक खेती के लिए प्रोत्साहित करने के साथ ही 20 लाख किसानों को सोलर पंप देने को लेकर किसान कुछ हद तक संतुष्ट हैं, लेकिन किसानों ने इसे लालीपाप कहा है। बैंक खाताधारकों के लिए इंश्योरेंस कवर एक लाख रुपये से बढ़ाकर पांच लाख रुपये कर दिया गया है। अब बैंक डूबा तो भी खाताधारकों को पांच लाख रुपये मिलना तय है। इससे खाताधारकों ने वित्त मंत्री को धन्यवाद दिया है।
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बजट में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने युवा और रोजगार स्किल डेवलपमेंट से लेकर घरेलू मैनुफक्चरिंग में विशेष सहायता करने को कहा है लेकिन इससे युवा खुश नहीं है। वह घरेलू मैनुफक्चरिंग की जगह देश में रोजगार की उम्मीद जताए हुए थे। कई क्षेत्रों में युवाओं को रोजगार देने की बात कही गई है लेकिन कुछ भी स्पष्ट नहीं है। शिक्षा के क्षेत्र को भी मजबूत करने और इसके लिए अलग से बजट देने को कहा गया है लेकिन पूर्वांचल और जनपद में शिक्षा के क्षेत्र में क्या कुछ नया होगा ऐसा नहीं है। सरकार छात्रों के लिए स्टडी इन इंडिया कार्यक्रम लागू करने जा रही है। देखना है कि इससे शिक्षा के क्षेत्र में क्या बदलाव होता है? बिजली के क्षेत्र में भी अब बदलाव होगा। अब बिजली के मीटर प्रीपेड होंगे। धीरे-धीरे पुराने मीटर हटाने का लक्ष्य है। स्मार्ट मीटर से सप्लायर और रेट चुनने का विकल्प होगा। 20 लाख किसानों को सोलर पंप देने से किसान खुश हैं। किसानों को जैविक खेती के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। इसके साथ ही कृषि उड़ान संचालित होगा लेकिन किसान इन सारी घोषणाओं को लालीपाप बता रहे हैं। बजट में सीनियर सिटीजन का ध्यान नहीं रखा गया है। आम जनता का कहना है कि सरकार के बजट लुभावने हैं, लेकिन राहत देने वाले नहीं दिखाई दे रहे हैं।
बजट में सीधे लाभ की गुंजाइश नहीं
गाजीपुर। केंद्र सरकार की ओर से पेश किया गया बजट को लेकर लोगों की अलग-अलग प्रतिक्रियाएं हैं। जिस तरह लोग महंगाई पर नियंत्रण तथा विभिन्न प्रकार के करों में छूट की उम्मीद कर रहे थे, उसके हिसाब से मायूसी मिली है। किसानों, शिक्षक, करदाताओं, महिलाओं, व्यापारियों आदि का कहना है कि बजट में किसी प्रकार का सीधा लाभ तो नहीं दिखाई दे रहा है। इसकी अधिकतर योजनाएं बाद में लाभ देने वाली हैं। छात्रों तथा युवाओं के लिए बजट का प्राविधान तो किया गया है, लेकिन किसी प्रकार बेरोजगारी दूर होगी इसे लेकर चिंतित नजर आ रहे हैं।
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अर्थशास्त्रियों की प्रतिक्रिया
इस बार के बजट में सभी वर्ग समूह के लोगों को कुछ न कुछ फायदा देने की कोशिश की गई है। हालांकि जिस तरह मंदी का दौर चल रहा है, उसे उबारने का प्रयास नहीं दिख रहा है। राजकोषीय घाटा को 3.5 फीसदी से बढ़ाना चाहिए था। सार्वजनिक खर्चों पर और अधिक बजट देना चाहिए था। इससे देश में लोगों की आर्थिक सुदृढ़ता बढ़ेगी। - श्रीकांत पांडेय, विभागाध्यक्ष अर्थशास्त्र पीजी कालेज
इस बार का बजट में मध्यम वर्ग को अधिक से अधिक राहत देने की कोशिश की गई है। रोजगार, शिक्षा, नर्सिंग, इन्फ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में बजट बढ़ाना एक अच्छा संकेत तो दिख रहा है लेकिन इसके लिए ठोस कार्ययोजना भी होनी चाहिए। वर्तमान में चल रही मंदी से उबारने के लिए, मंहगाई पर नियंत्रण के लिए ठोस उपाय नहीं किया गया है। - नीतिन राय, अर्थशास्त्र स्वामी सहजानंद सरस्वती पीजी कालेज
करदाताओं की प्रतिक्रिया
बजट में कर के स्लैब परिवर्तन से कर्मचारियों तथा करदाताओं को काफी राहत मिलेगी। हालांकि पुराने कर के स्लैब को भी बनाए रखा गया है। इससे करदाता जिसमें लाभ होगा, उसे लागू करने के लिए तय कर सकता है। - विजय शंकर राय
इस बार के बजट में जिस तरह से कर स्लैब बना दिए गए हैं, उससे खासकर निम्न तथा मध्यम आय वाले लोगों को राहत मिलेगी। पांच से साढ़े सात लाख तक के आय वालों को 10 प्रतिशत और साढ़े सात से दस लाख तक आय वालों को 15 प्रतिशत के कर दायरे में लाए जाने से लाभ मिलेगा। - अभयराज सिंह
सरकार बैंकों पर पूरी निगरानी की व्यवस्था कर रही है। इससे ग्राहकों के साथ ही बैंकों को भी लाभ मिलेगा। बजट में कर के दायरे को पांच स्लैब में बांटा गया है। यह हर प्रकार के आय वालों के लिए लाभप्रद है। मध्यम वेतनकर्मियों को अधिक लाभ मिल सकता है - संतोष कुमार राय
(फोटो संख्या- 07)
बैंक के खाताधारकों का अगर रुपया फंसता है तो अब उन्हें पांच लाख रुपए मिलने की गारंटी है। इससे खाताधारकों का विश्वास बढ़ेगा। कर्मचारियों की मांगों के प्रति सरकार ने ध्यान नहीं दिया है इससे मायूसी मिल रही है- जितेंद्र शर्मा
(फोटो संख्या- 03)
किसानों की प्रतिक्रिया
इस बार के बजट में किसानों के लिए तमाम प्रकार की योजनाओं को लागू करने तथा बढ़ावा देने का प्रयास तो दिख रहा है लेकिन इनपर सही से अमल होना चाहिए। लाख योजनाओं के चलाए जाने के बाद भी किसानों की बदहाली दूर नहीं हो पा रही है। - गोपाल राय
(फोटो संख्या- 14)
किसानों को बढ़ावा देने के लिए इस बार के बजट में 16 एक्शन प्लान की चर्चा की गई है। पीपीपी माडल से कोल्ड स्टोरेज, वेयर हाउस आदि बनाए जाने की कितना लाभ होगा यह सभी जानते है। किसानों को सीधे लाभ की कोई योजना नहीं दिख रही है। - सुखराम तिवारी
(फोटो संख्या- 15 )
किसान को मूल रुप से खाद, बीज, पानी के साथ ही उपज की अच्छी बिक्री की व्यवस्था चाहिए। नुकसान होने पर फसलों का मुआवजा मिलना चाहिए। इस बजट में ऐसा कुछ भी नहीं दिख रहा है। सभी योजनाएं है पर इसका पात्रों को लाभ ही नहीं मिलता है। - श्याम बिहारी पांडेय
(फोटो संख्या- 16)
यह बजट एक सपना की तरह लग रहा है। किसानों के लिए बड़ी-बड़ी बातें की गई है लेकिन इसका कितना लाभ मिलेगा, कितनी समृद्धि आएगी, यह समय ही बताएगा। किसानों के लिए भंडार स्कीम अगर सही से चला दिया जाएगा तो इसका लाभ मिलेगा। - दिनेश कुशवाहा
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(फोटो संख्या- 17)
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