गाजीपुर। कुक्कुट विकास नीति के तहत पोल्ट्री फार्म (मुर्गी पालन) को लघु उद्योग के रूप में विकसित करने की कवायद की जा रही है। पोल्ट्री फार्म लगाने पर कई प्रकार की रियायतें दी जा रही हैं। सबसे बड़ी बात यह है कि इसको लगाने पर 10 वर्ष तक बिजली बिल का भुगतान पशु पालन विभाग करेगा। साथ ही योजना के तहत इकाई लगाने के लिए जमीन खरीदने व लीज पर लेने पर स्टांप शुल्क में शत-प्रतिशत की छूट दी जाएगी। इसके लिए कोई व्यक्ति, फर्म, कंपनी या संस्था भी आवेदन कर सकती है। खास बात यह है कि प्रदेश के बाहर का व्यक्ति, फर्म, कंपनी या संस्था भी आवेदन कर सकती है। बशर्ते नागरिकता भारत की हो। योजना की तीन कैटेगरी है। 10 हजार अंडा देने वाली मुर्गी की इकाई स्थापना करने के लिए 1 एकड़ भूमि होना चाहिए। योजना की लागत 1 करोड़ रुपये हैं। 30 हजार अंडा देने वाली मुर्गी की इकाई स्थापना करने के लिए 2.5 एकड़ भूमि होना चाहिए। योजना की लागत 2.5 करोड़ रुपये हैं। 60 हजार अंडा देने वाली मुर्गी की इकाई स्थापना करने के लिए 5 एकड़ भूमि होना चाहिए। योजना की लागत 5 करोड़ रुपये हैं। बैंक से लोन लेकर लाभार्थी अपनी पसंद की इकाई का स्थापना कर सकता है। बैंक लोन के लिए स्वीकृत धनराशि पर 12 प्रतिशत की दर से ब्याज वसूलेगा। कुल ब्याज पर 7 प्रतिशत की सब्सिडी दी जाएगी। जबकि 5 प्रतिशत लाभार्थी को वहन करना होगा। योजना का लाभ उठाने के लिए निवेश मित्र पोर्टल पर ऑनलाइन पंजीयन कराना होगा। शर्त यह है कि इकाई आबादी से एक किलोमीटर दूर स्थापित होना चाहिए।
जरूरी दस्तावेज
- बैंक सहमति पत्र
- जमीन का कागज
- पैन कार्ड
- केंसिल चेक
- आधार कार्ड
- कंपनी, फर्म होने की स्थिति में जीएसटी नंबर
जिले में 13.50 लाख अंडों का होता है आयात
गाजीपुर। जनपद में प्रतिदिन 2.50 लाख अंडों का उत्पादन होता है जबकि मांग 16 लाख की है। इस तरह से 13.50 लाख अंडे का आयात गैर जनपदों व गैर प्रदेशों से होता है। जनपद स्तर पर अंडे की मांग की पूर्ति के लिए कुक्कुट विकास मिशन के तहत पोल्ट्री फार्म इकाइयों को बढ़ावा दिया जा रहा है। पोषण सुरक्षा की भावना को देखते हुए जनपद में प्रोटीनयुक्त आहार के लिए अंडों की उपलब्धता सुनिश्चित करना है।
योजना के तहत स्थापित कुक्कुट इकाइयों के बिजली बिल में 10 वर्षों तक इलेक्ट्री सिटी डयूटी की शत-प्रतिशत क्षतिपूर्ति विभाग के बजट से की जाएगी। पहली बार आवेदन करने वाले आवेदकों को प्राथमिकता दी जाएगी। आवेदन कभी भी किया जा सकता है।- डॉ. आरके गौतम, उप मुख्य चिकित्साधिकारी