गाजीपुर। महर्षि विश्वामित्र स्वशासी राजकीय मेडिकल कॉलेज के 200 बेड पुरुष अस्पताल में स्थापित ब्लड बैंक में वर्तमान समय में खून की कमी हो गई है। स्थिति यह है कि 300 यूनिट की क्षमता वाले ब्लड बैंक में इस समय खून का स्टॉक 10 यूनिट है। जबकि प्रतिदिन 15 से 20 यूनिट की जरूरत पड़ती है। जिम्मेदार रक्तदान शिविर न लगने से खून की कमी आने का दावा कर रहे हैं। यहां खून की कमी के कारण तीमारदार भटकने के लिए विवश हैं।
गंभीर बीमारियों से पीड़ित मरीजों और गर्भवती महिलाओं के अलावा अस्पताल में भर्ती मरीजों को खून की आवश्यकता पड़ने पर ब्लड बैंक से उपलब्ध कराया जाता है। खासकर कैंसर, थैलेसीमिया के अलावा गर्भवती महिलाओं को आवश्यकता पड़ने पर खून उपलब्ध कराने का निर्देश है। इसके अलावा सड़क हादसों में गंभीर रूप से घायल मरीजों को तत्काल ब्लड उपलब्ध कराया जाता है। ऐसी परिस्थिति में मरीज के डोनर की तलाश नहीं की जाती है। इन आपात स्थितियों के लिए ब्लड बैंक में प्रत्येक ग्रुप के ब्लड का स्टॉक रखा जाता है। जबकि सामान्य मरीजों को आवश्यकता पड़ने पर उनके डोनर द्वारा खून देने के बाद ही उस यूनिट का ब्लड उपलब्ध कराया जाता है। वर्तमान समय में ब्लड बैंक में आठ यूनिट ही ब्लड है। ऐसे में आपात स्थिति में मरीजों को आवश्यकता पड़ने पर तीमारदारों को इधर-उधर जहां भटकना पड़ता है। इधर, जिम्मेदारों के अनुसार, रक्तदान शिविर का आयोजन न होने ये ब्लड बैंक में खून की कमी हुई है। हालांकि कैंप के लिए पर्याप्त स्वास्थ्य कर्मियों और चिकित्सकों की तैनाती की गई है। बावजूद इसके स्थिति जस की तस बनी हुई है।
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वर्तमान समय में ब्लड बैंक में खून की कमी है। हालांकि सप्लाई प्रतिदिन 15 से 20 यूनिट की है। किसी तरह से काम चलाया जा रहा है। जल्द ही कैंप का आयोजन करके कमी को दूर किया जाएगा। डाॅ. राजेश सिंह, सीएमएस मेडिकल कॉलेज अस्पताल