गाजीपुर। अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट घनश्याम शुक्ला की अदालत ने 20 वर्ष पुराने मुकदमे में फैसला सुनाते हुए पति, ससुर, जेठ, सास और जेठानी को एक एक-एक वर्ष के कारावास और 2000-2000 अर्थदंड की सजा दी है। साथ ही अदालत ने अर्थदंड की राशि पीड़िता को सात दिन के अंदर देने का आदेश दिया है।
अभियोजन के अनुसार, वर्तमान में अधिवक्ता वंदना राय पुत्री योगेंद्रनाथ राय की शादी 21 नवंबर वर्ष 1997 को जमानिया थाना क्षेत्र के मतसा गांव निवासी अशोक कुमार राय पुत्र नमोनारायण राय के साथ हुई थी। शादी के बाद वंदना के ससुराल वाले पति अशोक राय, ससुर नमोनारायण राय, जेठ अनिल राय, जेठानी रेनू राय और सास कांति राय दहेज में 20 हजार रुपये नगद और स्कूटर तथा पीड़िता के पिता के नाम से गाजीपुर स्थित मकान को दहेज में मांगने लगे, जिसके लिए वंदना को तरह-तरह से प्रताड़ित करने लगे। ससुराल वालों की प्रताड़ना से परेशान होकर पीड़िता के पिता योगेंद्रनाथ राय ने थाना जमानिया में केस दर्ज कराया। विवेचना के बाद आरोप पत्र न्यायालय में प्रेषित हुआ। विचारण के दौरान न्यायालय में अभियोजन पक्ष की ओर से पांच गवाहों ने घटना का समर्थन किया। अभियोजन पक्ष की ओर से अधिवक्ता रामाश्रय सिंह एवं सहायक अभियोजन अधिकारी निर्मल कुमार गौड़ तथा बचाव पक्ष की ओर से अधिवक्ता के तर्कों को सुनने के बाद अदालत ने पति, सास, ससुर, जेठ, जेठानी को दोषी पाते हुए उपरोक्त सजा सुनाई।