गाजीपुर। जिले में लूट की घटनाएं रोके नहीं रुक रही हैं। इस वर्ष बीते दस माह में हर महीने लूट की एक घटना हुई है। अधिकांश घटनाओं में पीड़ित व्यापारी वर्ग रहे हैं। पुलिस के आंकड़ों पर नजर डाली जाए तो लूट की नौ घटनाओं का पर्दाफाश हो चुका है। लूट के आरोपियों को जेल भेजा जा चुका है।
शहर एवं ग्रामीण के सुनसान इलाकों में लुटेरे वारदात को अंजाम दे रहे हैं। इनके निशाने पर व्यापारी वर्ग खासकर सराफा और शराब कारोबारी हैं। इसके अलावा सहज जनसेवा केंद्र संचालकों को अधिक शिकार बना रहे हैं। घरों में घुसकर भी लुटेरों ने वारदात को दिया अंजाम है।
जनवरी से अक्तूबर माह तक हुई लूट की घटनाओं के पुलिस के आंकड़ों को देखा जाए तो शहर कोतवाली में दो, नोनहरा, नंदगंज, सुहवल, करीमुद्दीनपुर, नगसर हाल्ट, कासिमाबाद और सैदपुर में एक-एक लूट की वारदात हुई है।
इसमें सैदपुर कोतवाली में सराफा व्यवसायी से हुई लूट की घटना को छोड़कर पुलिस ने सबका खुलासा कर शातिर लुटेरों को सलाखों के पीछे भेज दिया है। हालांकि कुछ ऐसे भी मामले सामने आए है, जिसमें अपराध की प्रकृति लूट की रही, लेकिन पुलिस ने इसे विवेचना में लूट की वारदात होने से साफ इन्कार कर दिया। पीड़ित न्याय के लिए दौड़ता रह जाता है और पुलिस छिनैती मानकर छानबीन करने की बात कहकर पल्ला झाड़ ले रही है।
सराफा व्यवसायी से हुई लूट का अब तक खुलासा नहीं
गाजीपुर। सैदपुर कोतवाली के जैनपुर पुलिया के पास 11 नवंबर की शाम लुटेरों ने डहरा काला गांव निवासी सराफा व्यवसायी अरमान अंसारी और उसके भाई इरफान अंसारी को तमंचे की मुठिया से घायल कर 80 हजार नगदी और डेढ़ लाख रुपये के आभूषण भरा बैग लूटकर फरार हो गए थे। पुलिस आज तक लुटेरों को दबोचना तो दूर चिन्हित भी नहीं कर सकी है।
इस वर्ष लूट की दस घटनाएं हुईं हैं। इनमें नौ का खुलासा कर दिया गया है। सैदपुर की घटना का जल्द ही खुलासा कर दिया जाएगा।- डॉ. ईरज राजा, एसपी