दुल्लहपुर। स्थानीय बाजार के तीन व्यापारी साइबर क्राइम के शिकार हो गए। अपराधियों ने इनके खाते से एक लाख 37 हजार 600 रुपये उड़ा दिए। उधर, व्यापारी जब शिकायत करने थाने पहुंचे तो पुलिस ने तहरीर फेंकने के साथ उन्हें भगा दिया। पुलिस इस रवैये से व्यापारियों के साथ ही स्थानीय लोग भी मर्माहत हैं। बाजार में संतोष मोदनवाल की इलेक्ट्रानिक की दुकान है। 26 जून की देर रात संतोष का मोबाइल चोरी हो गया। सुबह जब उन्होंने दूसरे मोबाइल में पुन: नंबर चालू किया तो 23 हजार 600 रुपये खाते से निकाले जाने का मैसेज आया। उन्होंने इसकी जानकारी यूबीआई बैंक प्रबंधक को दी। बैंक कर्मियों ने थाने में मुकदमा दर्ज कराने की सलाह देकर पल्ला झाड़ लिया। पीड़ित थाने में तहरीर देने गया तो पुलिस शिकायत दर्ज करने के बजाए व्यापारी से कहासुनी करने लगी। जब दुकानदार ने इसकी जानकारी सीओ भुड़कुड़ा को दी, तब जाकर पुलिस तहरीर लेकर छानबीन में जुटी। उधर, 23 जून की शाम बाजार के कपड़ा विक्रेता संतलाल गुप्ता के आधार कार्ड द्वारा उनके खाते से 94 हजार रुपये निकाले जाने का मैसेज आया तो उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। जबकि आधार कार्ड उनके पास ही था। उसी दिन बैटरी विक्रेता फातिमा गुप्ता के मोबाइल पर भी दो बार में 20-20 हजार रुपये आधार कार्ड के जरिए खाते से निकालने का मैसेज आया। पीड़ित व्यापारी जब इसकी शिकायत करने थाने पहुंचे तो तहरीर लेने के बजाए दरोगा ने व्यापारियों के साथ दुर्व्यवहार किया और दी गई तहरीर फेंक कर उन्हें थाने से भगा दिया।
इस मामले में सीओ भुड़कुड़ा गौरव कुमार ने बताया कि घटना के तुरंत बाद व्यापारियों को साइबर सेल में शिकायत करनी चाहिए थी तो कुछ हो जाता। बहरहाल, तहरीर के आधार पर छानबीन शुरू कर दी गई है।