कुपोषण से शिशु एवं बाल मृत्यु दर में कमी लाने के लिए जिला अस्पताल के सीएमएस कार्यालय के पास स्थित बच्चा वार्ड में पोषण पुनर्वास केंद्र की स्थापना की गई है। स्टाफ नर्सों की संविदा पर नियुक्ति कर फरवरी में ही पुनर्वास केंद्र को फरवरी में ही चालू करने का निर्देश शासन ने जिला अस्पताल प्रशासन को दिया था। संविदा पर स्टाफ नर्सों की नियुक्ति मामले में कोर्ट केस होने के कारण पुनर्वास केंद्र चालू नहीं हो पाया।
ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में स्थापित आंगनबाड़ी केंद्रों और विभाग की ओर नियुक्त आशाओं के जरिये कुपोषित बच्चों को इलाज की बेहतर सुविधा उपलब्ध कराने दिशा में कार्य भी कराए जा रहे हैं। कुपोषित बच्चों को समय से बेहतर इलाज और उनका उचित देखभाल करने के लिए बीते सितंबर माह में जिला अस्पताल परिसर में पोषण पुनर्वास केंद्र स्थापित करने का निर्देश मिला था। फरवरी माह से शुरू होने वाले पोषण पुनर्वास केंद्र के संचालन में स्टाफ नर्स सहित अन्य स्वास्थ्य क र्मियों की नियुक्ति संविदा पदों पर की जानी थी। स्टाफ नर्सों के पदों पर होने वाली संविदा भर्ती का मामला न्यायालय में चलने से केंद्र का संचालन पूरी तरह से अधर में लटकता नजर आ रहा है।
जिला अस्पताल के डॉ. एके मिश्र का कहना है कि केंद्र संचालन में स्टाफ नर्स की महत्वपूर्ण भूमिका है। वहीं सवंविदा पर स्टाफ नर्सों की भर्ती का त्मला बीते वर्ष से ही न्यायालय में चल रहा है। पोषण पुनर्वास केंद्र संचालन में आ रही समस्या के बारे में शासन को अवगत करा दिया गया है।