अनलॉक में सबकुछ सामान्य होने के बाद परिवहन विभाग भी कार्य करना शुरू कर दिया है। इस साल मार्च में सरकार ने परिवहन से संबंधित नये नियम भी लाये थे, जिसकी जानकारी लोगों को होने लगी है। 10 मार्च को केंद्र सरकार ने एम फिटनेस एप लांच किया था। अधिकारियों ने बताया कि जून में हर दिन औसतन 10 से 12 गाड़ियों का फिटनेस एप के माध्यम से किया जा रहा है। एप के आने से कर्मचारियों पर काम का बोझ कम हो गया है। साथ ही रसूखदार लोगों के दबाव से भी बचा जा रहा है।
जिले के सहायक निरीक्षक परिवहन संतोष पटेल ने बताया कि परिवहन कार्यालय के 500 मीटर दायरे में खड़ी गाड़ियों का ही फिटनेस नए एप से किया जा सकेगा। इस दायरे के बाहर खड़ी किसी गाड़ी का फिटनेस नहीं हो सकेगा। जैसे ही गाड़ी की फोटो खिंचा जाएगा उसकी जानकारी तुरंत पोर्टल पर अपलोड हो जाएगी। इस तरह अब पहले वाली बात खत्म हो गई है जिसमें गाड़ी कहीं भी होती थी और लोग प्रशास निक एवं राजनीतिक दबाव में फिटनेस करवाते थे। उनका कहना था कि एप लांच होने से जो दबाव कर्मचारियों और अधिकारियों पर समाप्त हो गया है। अब गाड़ियों को परिवहन कार्यालय लाना अनिवार्य हो गया है।
प्रतिदिन 10 से 12 वाहनों का बन रहा फिटनेस
पटेल ने बताया कि किसी गाड़ी की फिटनेस खत्म होने से एक हफ्ते पहले किसी दिन भी फिटनेस कराया जा सकता है। उन्होंने बताया कि अनलॉक के बाद रोजाना 10 से 12 गाड़ियों का फिटनेस होता है। अब तक कुल 220 गाड़ियों का फिटनेस किया जा चुका है।
कोविड के चलते वाहन चालकों के पास अभी तक फिटनेस, लाइसेंस और परमिट नहीं होने पर विभाग कार्रवाई नहीं कर रहा था। केंद्र सरकार ने अब जुलाई तक का समय दिया है जिसमें वाहन चालकों को सारे कागज दुरुस्त करना है।