सुहवल। यूपी- बिहार को जोड़ने वाली अति महत्वपूर्ण हमीद सेतु पर भारी व चारपहिया वाहनों का यातायात बंद है। पुल का मरम्मत शुरू हुए 38 दिन हो चुके हैं, लेकिन अभी तक एक भी बेयरिंग नहीं बदला जा सका है। इस पुल के 26 ज्वाइंटरों तथा 22 बेयरिंग को बदलना है। हमीद सेतु पर वाहनों का आवागमन बंद किए जाने से ट्रांसपोर्टरों, कारोबारियों के साथ ही आम जनता को काफी दिक्कतों को सामना करना पड़ रहा है। मरम्मत की गति इतनी धीमी है कि निर्धारित समय में काम पूरा न होने में संदेह पैदा होने लगा है। खास बात यह है कि जब से इस पुल की मरम्मत का काम शुरू हुआ है, उसके बाद से अब तक कोई भी जिम्मेदार अधिकारी प्रगति जानने तक यहां नहीं पहुंचा। मरम्मत की धीमी गति से लोगों में काफी नाराजगी है।
हमीद सेतु पर प्रतिबंध लगाए जाने का खासा असर लोगों पर पड़ रहा है। अधिकतर लोग जहां पैदल आने -जाने को मजबूर हैं, वहीं वाहनों के पुल पर न जाने से जरूरी सामानों के भाव भी तेजी से बढ़ रहे हैं। लोगों को एक-एक दिन भारी पड़ रहा है। सभी तरह के व्यवसायिक, उद्योग धंधे, खेती-बारी, जनपद में संचालित विभिन्न परियोजनाएं काफी प्रभावित हुए हैं। इसके कारण, सरकार, आमजन,किसानों को काफी नुकसान हो रहा है। जिला प्रशासन ने अगस्त के अंतिम सप्ताह तक सेतु के मरम्मत का समय तो तय कर दिया था, लेकिन मरम्मत कार्य किस तरह चल रहा है यह जानने की कोशिश आज तक नहीं की गई। इसका नतीजा है कि पुल का काम काफी धीमी गति से हो रहा है। मरम्मत में जुटे इंजीनियरों की माने को अगले सप्ताह से एक और तकनीकी टीम सेतु की मरम्मत के लिए आ रही है। इसके बाद पुल का मरम्मत कार्यों में तेजी आ सकती है। इंजीनियर पराग पटेल ने बताया कि एक अन्य टीम एक दो दिनों में आ जाएगी। 15 सितंबर तक मरम्मत कार्य पूरा कर दिया जाएगा।