सुहवल। पुलिस बर्बरता के शिकार पीड़ित फौजी परिवार का दु:ख जानने शुक्रवार की देर शाम प्रसपा के प्रदेश महासचिव एसपी पांडेय नूरपुर गांव पहुंचे। उन्होंने कहा कि जनपद के इतिहास में पुलिस उत्पीड़न काला दिवस के रूप में याद किया जाएगा। चेताया कि अगर पीड़ित ब्राह्मण सैनिक परिवार के साथ न्याय नहीं हुुुआ तो दोषी पुलिस कर्मियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी और पार्टी पूरे प्रदेश में आंदोलन करने के लिए बाध्य होगी।
पीड़ितों द्वारा पुलिस बर्बरता की कहानी बयां करने के साथ जब अपने शरीर पर जख्म दिखाया गया तो वह सिहर उठे। उन्होंने आश्वासन दिया कि पार्टी उनके साथ है और संघर्ष में आगे रहेगी। कहा कि वर्तमान सरकार में कानून व्यवस्था नाम की कोई चीज नहीं रह गई है। जिस तरह से ब्राह्मणों को लक्ष्य कर उनके साथ दुर्व्वहार और उन्हें फर्जी तरीके से मुकदमें में फसाया जा रहा है। यह एक सोची समझी रणनीति का हिस्सा है। वर्तमान सत्ताधारी पार्टी को मतदान करने में ब्राह्मणों का मत प्रतिशत सबसे अधिक रहा है, लेकिन सरकार का यह रवैया जो निरीह ब्राह्मणों पर अपराधिक मुकदमें दर्ज कर खुद अपनी पीठ थपथपाने में लगी है। सरकार जिस तरह से इस घटना को दबाने का प्रयास कर रही है, काफी निंदनीय है। उन्होंने सरकार को चेताया कि अगर पीड़ित ब्राह्मण सैनिक परिवार के साथ न्याय नहीं हुुुआ और दोषी पुलिस कर्मियों पर सख्त कार्यवाई नहीं हुई तो पार्टी पूरे प्रदेश में आंदोलन करने को बाध्य होगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश के संसदीय कार्य मंत्री के आने और निर्देश के बावजूद स्वास्थ्य महकमा पुलिस के दबाव में गलत मेडिकल रिपोर्ट दी है, जिसे कोर्ट में चुनौती दी जाएगी। साथ ही मेडिकल बनाने वाले चिकित्सकीय टीम के खिलाफ जांच की मांग भी की जाएगी। इस मौके पर भगवती प्रसाद तिवारी, राजेश्वर तिवारी, वीरेंद्र तिवारी मौजूद रहे।