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Ghazipur News: न रेडियम पट्टी न बैरिकेडिंग, शहर से गांव तक सड़कों पर खोद कर छोड़ दिए मौत के गड्ढे

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शहर के पीजी कॉलेज चौराहा से पुलिस लाइन को जाने वाली सड़क के किनारे बिना बैरिकेडिंग और सुरक्षा ट
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गाजीपुर। शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों तक प्रमुख और लिंक मार्गों के किनारे तीन से दस फीट तक खोद कर छोड़े गए गड्ढे लोगों की जान पर भारी पड़ रहे हैं। सड़क किनारे खोदाई के बाद न तो बैरिकेडिंग की गई है और न रेडियम पट्टी लगाई गई है।
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इसके चलते रात में वाहन चालक ही नहीं, पैदल राहगीर भी हादसे का शिकार हो रहे हैं। जिला प्रशासन के निर्देशों के बावजूद कार्यदायी संस्थाएं और संबंधित विभाग लापरवाही बरत रहे हैं। जिले में ऐसे एक दर्जन से ज्यादा जानलेवा गड्ढे हैं। शहर में भी हाल बेहाल : शहर में भी पाइपलाइन और सीवर के कार्यों के नाम पर खोदाई कर गड्ढे छोड़ दिए गए हैं। पीजी कॉलेज से पुलिस लाइन जाने वाले मार्ग पर पटरी से सटाकर खोदाई कर दी गई है, जिससे वाहन चालकों के अनियंत्रित होकर गिरने का खतरा बढ़ गया है। सड़क किनारे खुदे गड्ढों पर प्रशासन ने बैरिकेडिंग और रेडियम पट्टी लगाने का निर्देश दिया है, लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि रेडियम पट्टी तो दूर, बैरिकेडिंग तक नहीं की जाती। इ
सी लापरवाही के चलते रात में हादसे लगातार बढ़ रहे हैं और लोग भय के साए में सफर करने को मजबूर हैं। जिससें हादसे का भय बना रहता है।
कासिमाबाद-यूसुफपुर मार्ग पर 10 फीट लंबा गड्ढा

कासिमाबाद-यूसुफपुर मार्ग पर विद्युत उपकेंद्र के सामने विद्युत विभाग के ठेकेदार द्वारा अंडरग्राउंड केबल डालने के नाम पर एक माह पहले गड्ढा खोद दिया गया, लेकिन आज तक भरवाया नहीं गया। सड़क के बीचों बीच 10 फीट से अधिक लंबा गड्ढा छोड़ने से मार्ग संकरा हो गया है और दुर्घटना का खतरा लगातार बना हुआ है। ठेकेदार श्रीकेश यादव ने बताया कि 33 हजार वोल्ट का केबल पृथ्वीपुर के लिए जा रहा है, लेकिन किसान ने अपनी जमीन के सामने केबल डालने पर आपत्ति जताई है। इसकी जानकारी उच्चाधिकारियों को दे दी गई है।
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फोरलेन, एक्सप्रेसवे निर्माण के गड्ढे बने तालाब

वाराणसी-गोरखपुर फोरलेन निर्माण के दौरान सिधौना-गोपालपुर मार्ग के किनारे खोदाई कर गड्ढा छोड़ दिया गया, जो अब तालाब जैसा बन चुका है। हथौड़ा गांव निवासी नंदलाल यादव ने बताया कि गड्ढा भराव न होने से कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। वहीं रामपुर निवासी बबलू मिश्रा ने कहा कि यह गड्ढा लगातार खतरे को बढ़ा रहा है। इसी तरह पूर्वांचल एक्सप्रेसवे निर्माण के दौरान दुबिहा क्षेत्र के पातेपुर, बाराचवर, दहेंदू और बेलसड़ी समेत कई गांवों में सड़क किनारे खोदे गए गड्ढे अस्थायी तालाब का रूप ले चुके हैं।
डीएम बोले- निर्देश दिए गए, होगी कार्रवाई

जिलाधिकारी अविनाश कुमार ने बताया कि 11 जनवरी को सड़क सुरक्षा सप्ताह की बैठक में एनएचएआई, पीडब्ल्यूडी, आरईएस सहित कार्यदायी संस्थाओं को निर्देश दिए गए थे कि सड़क किनारे कार्य होने पर सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए जाएं। इसके अलावा 8 फरवरी को भी पत्र जारी कर निर्देशित किया गया था, लेकिन इसके बावजूद हालात में सुधार नहीं दिख रहा। कहा कि लापरवाही करने वाले अभियंताओं के खिलाफ कार्रवाई होगी।
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