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Ghazipur News: नगर पालिका में न फायर एनओसी, न सुरक्षा ऑडिट... हर दिन 200 लोगों की जान खतरे में

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कचहरी स्थित नगर पालिका कार्यालय में रखीं फाइलें। संवाद - फोटो : 1
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गाजीपुर। लखनऊ अग्निकांड के बाद पूरे प्रदेश में अग्नि सुरक्षा मानकों को लेकर प्रशासन सख्त है। संकरी गलियों में संचालित कोचिंग संस्थानों पर कार्रवाई हो रही है, कई संस्थान सील किए जा चुके हैं।
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लेकिन विडंबना यह है कि नियमों का पालन कराने वाली सरकारी व्यवस्था खुद अपने ही कार्यालय में सुरक्षा मानकों की अनदेखी कर रही है।
कलेक्ट्रेट परिसर के समीप स्थित नगर पालिका परिषद का दो मंजिला कार्यालय अग्नि सुरक्षा के बुनियादी मानकों से कोसों दूर है। 2010 में करीब 2000 वर्ग फीट में बने कार्यालय में न तो अग्निशमन विभाग की अनापत्ति (फायर एनओसी) है और न ही आग लगने की स्थिति से निपटने के पर्याप्त इंतजाम।
इतना ही नहीं फायर बिग्रेड के अधिकारियों द्वारा अग्नि सुरक्षा काे लेकर कभी ऑडिट किया गया है, जबकि इसी भवन में नामांतरण, जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्र, गृहकर, स्वास्थ्य, राजस्व वसूली समेत कई महत्वपूर्ण शाखाएं संचालित होती हैं।
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रोजाना यहां करीब 200 से अधिक फरियादी और करदाता अपने काम से पहुंचते हैं। वहीं लगभग 50 अधिकारी-कर्मचारी पूरे दिन कार्यालय में मौजूद रहते हैं। इसके बावजूद भवन में अग्निशमन यंत्रों की पर्याप्त व्यवस्था दिखाई नहीं देती। सामान्य रूप से आग बुझाने के लिए रखी जाने वाली बालू की बाल्टियां भी नहीं मिलीं।
तारों का मकड़जाल बढ़ा रहा खतरा : कार्यालय परिसर में जगह-जगह बिजली के तारों का मकड़जाल लटका हुआ है। कई स्थानों पर खुले और अव्यवस्थित तार शॉर्ट सर्किट की आशंका को बढ़ाते हैं। यदि किसी कारणवश आग लग जाए तो भवन में मौजूद कर्मचारियों और आम नागरिकों की सुरक्षा भगवान भरोसे ही रहेगी।
एक ही रास्ता, हादसे में बन सकता है मौत का जाल : नगर पालिका कार्यालय की सबसे बड़ी खामी यह है कि पूरे भवन में प्रवेश और निकास का केवल एक ही रास्ता है। किसी आपात स्थिति में सैकड़ों लोगों के एक साथ बाहर निकलने में भगदड़ मच सकती है। अग्नि सुरक्षा विशेषज्ञ भी ऐसे भवनों में वैकल्पिक निकास को अनिवार्य मानते हैं, लेकिन यहां इस दिशा में कोई व्यवस्था नहीं दिखती।
सरकारी दफ्तर ही नहीं निभा रहा नियम : प्रदेश भर में निजी संस्थानों पर फायर सुरक्षा मानकों के पालन के लिए कार्रवाई की जा रही है। ऐसे में सवाल उठता है कि जब सरकारी कार्यालय ही बिना फायर एनओसी और सुरक्षा इंतजाम के संचालित हो रहे हैं तो निजी संस्थानों से नियमों के पालन की अपेक्षा कैसे की जा सकती है।

कचहरी स्थित नगर पालिका कार्यालय में रखीं फाइलें। संवाद- फोटो : 1

कचहरी स्थित नगर पालिका कार्यालय में रखीं फाइलें। संवाद- फोटो : 1

कचहरी स्थित नगर पालिका कार्यालय में रखीं फाइलें। संवाद- फोटो : 1

कचहरी स्थित नगर पालिका कार्यालय में रखीं फाइलें। संवाद- फोटो : 1

कचहरी स्थित नगर पालिका कार्यालय में रखीं फाइलें। संवाद- फोटो : 1

कचहरी स्थित नगर पालिका कार्यालय में रखीं फाइलें। संवाद- फोटो : 1

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