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Ghazipur News: एसडीएम पर टिप्पणी के विरोध में प्रधानों ने लेखपालों पर की कार्रवाई की मांग

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कासिमाबाद तहसील परिसर में कानूनगो को पत्रक सौंपते ग्राम प्रधान व अन्य। संवाद - फोटो : 1
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गंगौली। कासिमाबाद तहसील में उपजिलाधिकारी के खिलाफ सोशल मीडिया पर की गई कथित अमर्यादित टिप्पणियों का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। शनिवार को शिवम सिंह के नेतृत्व में ग्राम प्रधानों और युवाओं ने तहसीलदार के नाम कानूनगो को ज्ञापन सौंपकर दो लेखपालों के खिलाफ अनुशासनात्मक एवं दंडात्मक कार्रवाई की मांग की।
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ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि लेखपाल प्रवीण कुमार राय और पंकज सिंह ने बीते कई दिनों से लेखपाल संघ के व्हाट्सएप ग्रुप सहित अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर उपजिलाधिकारी के खिलाफ अभद्र एवं भ्रामक टिप्पणियां प्रसारित की हैं। इससे न केवल एक प्रशासनिक अधिकारी की छवि धूमिल हुई है, बल्कि प्रशासनिक गरिमा भी प्रभावित हुई है। ग्रामीणों ने पत्र में कहा कि उपजिलाधिकारी लोकेश कुमार अपनी कार्यशैली, ईमानदारी और जनसुनवाई के लिए क्षेत्र में पहचान बना चुके हैं। प्रदर्शनकारियों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। ज्ञापन सौंपने वालों में गोविंद सिंह, अश्वनी सिंह, रामलखन राजभर, बाबूलाल, हंसराज सिंह, अमन सिंह, सोनू गुप्ता, सतीश कुमार, सोमनाथ राम समेत अन्य ग्रामीण शामिल रहे।

सोशल मीडिया पर वायरल हुआ इस्तीफे का पत्र
इधर, गहली बसारीकपुर के लेखपाल पंकज सिंह और भोजपुर के लेखपाल विपिन कुमार के कथित इस्तीफे का पत्र सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वायरल पत्र में उपजिलाधिकारी पर अभद्र व्यवहार और मानसिक उत्पीड़न के आरोप लगाए गए हैं। हालांकि, इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है।
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लेखपाल संघ ने भी जारी किया पत्र
उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ, कासिमाबाद की ओर से जारी एक वायरल पत्र में जिला मंत्री प्रवीण कुमार राय और लेखपाल पंकज सिंह पर तहसील मंत्री सुमित कुमार, ऑडिटर मोहित कुमार और लेखपाल अभिषेक रंजन के खिलाफ अमर्यादित भाषा के प्रयोग का आरोप लगाया गया है। पत्र में उपजिलाधिकारी के संबंध में भ्रामक प्रचार की निंदा करते हुए संबंधित लेखपालों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की मांग की गई है। वहीं, जिला स्तर पर जारी एक अन्य पत्र में लेखपालों को फील्ड कार्य के बजाय कार्यालय में संबद्ध किए जाने के मुद्दे को भी उठाया गया है।

नहीं मिला इस्तीफा, होगी सख्त कार्रवाई : एसडीएम
उपजिलाधिकारी लोकेश कुमार ने बताया कि संबंधित लेखपालों को कई बार कार्यशैली में सुधार के लिए कहा गया था, लेकिन अपेक्षित सुधार नहीं हुआ। अभी तक उनके पास किसी भी लेखपाल का इस्तीफा प्राप्त नहीं हुआ है। सोशल मीडिया के माध्यम से तहसील प्रशासन की छवि धूमिल करने के प्रयास को गंभीरता से लिया गया है। संबंधित कर्मियों को जिला मुख्यालय से संबद्ध कर स्पष्टीकरण मांगा गया है। जांच के बाद दोषियों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। साथ ही सोशल मीडिया पर भ्रामक जानकारी प्रसारित करने वालों की भी पहचान कर कार्रवाई की जाएगी।
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