परिषदीय विद्यालयों का कायाकल्प किया जा रहा है। इसके बाद भी जिले के 438 विद्यालय ऐसे हैं जहां अभी तक बिजली उपलब्ध नहीं है। इसके चलते अध्यापकों एवं छात्रों को असुविधा हो रही है। विद्यालय से बिजली के खंभों की अधिक दूरी की वजह से बिजली का कनेक्शन नहीं दिया जा सका है।
प्राथमिक शिक्षा में गुणात्मक सुधार लाने के लिए सरकार की ओर से प्रयास किया जा रहा है। इसी क्रम में परिषदीय विद्यालयों में सुविधाओं का विस्तार भी कराया जा रहा है। आपरेशन कायाकल्प के तहत विभिन्न पैरामीटर पर कार्य कराए जा रहे हैं। जिले में वर्तमान में 2269 परिषदीय विद्यालय संचालित हैं। इनमें 1468 प्राथमिक, 352 उच्च प्राथमिक एवं 449 कंपोजिट विद्यालय हैं। इन विद्यालयों में विद्युतीकरण भी कराया जाना है लेकिन काफी समय बीत जाने के बाद भी विभिन्न विकास खंडों में स्थित 1835 विद्यालयों में ही बिजली की सुविधा उपलब्ध हो पाई है जबकि अभी भी 438 विद्यालय ऐसे हैं जहां बिजली का कनेक्शन नहीं हो सका है। ऐसे विद्यालयों में बाराचंवर में 14, भदौरा एक, भांवरकोल 28, बिरनो चार, देवकली 33, नगर एक, करंडा 12, कासिमाबाद 24 तथा नगर क्षेत्र कासिमाबाद के चार विद्यालय शामिल हैं। इसके अलावा मनिहारी 22, मरदह 13, मुहम्मदाबाद 50, रेवतीपुर 19, सदर 73, सादात एक, सैदपुर 51, जखनिया 46, जमानिया 41 तथा नगर क्षेत्र जमानिया के एक विद्यालय में बिजली का कनेक्शन नहीं है। अगले वर्ष विधानसभा का चुनाव होना है। आयोग की ओर से बूथों पर न्यूनतम सुविधाएं सुनिश्चित करने का फरमान जारी किया गया है। इसके बावजूद अभी तक इन विद्यालयों में बिजली का कनेक्शन नहीं हो सका है।
बिजली के खंभों से विद्यालयों की दूरी अधिक है। इसके बावजूद बिजली विभाग से समन्वय बनाकर जल्द ही शेष विद्यालयों में कनेक्शन उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा।- हेमंत राव, जिला बेसिक शिक्षाधिकारी।
जिले के 160 विद्यालयों में नहीं हुई वायरिंग
गाजीपुर। जिले के 2269 परिषदीय विद्यालयों में 2112 में ही अभी तक वायरिंग का काम हो सका है। शेष 160 विद्यालयों में यह काम नहीं हुआ है। इसमें बाराचंवर में तीन, भदौरा एक, भांवरकोल 16, देवकली 14, नगर एक, करंडा, मनिहारी एवं कासिमाबाद आठ-आठ, नगर क्षेत्र कासिमाबाद चार, मरदह तीन, मुहम्मदाबाद 15 तथा रेवतीपुर ब्लाक के पांच विद्यालय हैं। इसके अलावा सदर 24, सैदपुर 35, जखनिया 13 तथा जमानिया विकासखंड के दो विद्यालयों में वायरिंग का काम नहीं हुआ है।