गाजीपुर। एक ही पैन नंबर पर एक जिले में कई शिक्षकों के वेतन लेने का मामला सामने आने के बाद बेसिक शिक्षा विभाग हरकत में आ गया है। शासन की ओर से बेसिक शिक्षाधिकारियों को पत्र लिखकर जिले के प्राथमिक विद्यालयों में तैनात शिक्षकों के अभिलेखों की जांच का निर्देश दिया गया है। इसके क्रम में बीएसए की ओर से जांच कराई जा रही है।
महानिदेशक (स्कूली शिक्षा) विजय किरन आनंद ने जिले के जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को निर्देश भेजा है कि वे ऐसे शिक्षकों का पता लगाएं जो फर्जी पैन नंबर का प्रयोग कर वेतन ले रहे हैं। जिला बेसिक शिक्षाधिकारी श्रवण कुमार गुप्ता ने निर्देश मिलते ही जांच का काम शुरू करा दिया है। जिले के सभी सोलह विकासखशंडों एवं एक नगर क्षेत्र के शिक्षकों के अभिलेखों की जांच शुरू हो गई है। ताकि नियम विरुद्ध और फर्जी रूप से नौकरी कर रहे अध्यापकों के खिलाफ कार्रवाई की जा सके। इससे पहले कस्तूरबा विद्यालयों में प्रदेश स्तर पर नौकरी कर रही कई शिक्षिकाएं अनामिका शुक्ला प्रकरण से जुड़ी पाई गई हैं। उन्हें अपनी नौकरी गंवानी पड़ी है। जिले में भी कस्तूरबा विद्यालय के सभी शिक्षकों एवं शिक्षणेतर कर्मचारियों की जांच के लिए काउंसिलिंग हो चुकी है। उनके प्रमाण पत्रों को जांच के लिए संबंधित बोर्ड को भेजा जा रहा है। इस संबंध में वित्त एवं लेखाधिकारी गुलशन उवर ने बताया कि शासन के निर्देश के क्रम में पिछले छह-सात वर्षों में अपने पैनकार्ड में परिवर्तन कराने वाले शिक्षकों की सूचना शासन को प्रेषित कर दी गई है। बीएसए श्रवण कुमार गुप्ता ने बताया कि अभिलेखों की जांच में खामियां पाए जाने पर संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।