फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

नीलांशु और शहाबुद्दीन बने सेना में लेफ्टिनेंट

विज्ञापन
विज्ञापन
गोड़सरा गांव निवासी शहाबुद्दीन खां एवं लठ्ठूडीह गांव के नीलांशु राय ने भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट बनकर क्षेत्र का नाम रौशन किया है। उनकी इस उपलब्धि पर परिजनों सहित क्षेत्र में हर्ष है।
विज्ञापन

सेवराई तहसील के गोड़सरा गांव निवासी शहाबुद्दीन खान के पिता एजाज अहमद खां सेना के जेसीओ पद से रिटायर्ड हैं। इंटरमीडिएट की पढ़ाई दिलदारनगर के एसकेबीएम इंटर कॉलेज से पूरा करने के बाद कड़ी मेहनत की बदौलत वह सेना में भर्ती हुए। सेना में भर्ती होने के बाद सर्विस एंट्री पीसीएसएल के अंतर्गत यूपीएससी की परीक्षा पास कर सेना में कमीशन प्राप्त कर वह लेफ्टिनेंट बने हैं। देहरादून स्थित इंडियन मिलिट्री अकादमी में मेजर जनरल और राष्ट्रपति के हाथों उन्हें शपथ दिलाई गई। उसके बाद शहाबुद्दीन खां को लेफ्टिनेंट के पद पर पहली पोस्टिंग असम राज्य के डिब्रूगढ़ में दी गई है। लट्ठूडीह गांव के नीलांशु राय आईएमए देहरादून में शनिवार को हुई पासिंग आउट परेड के बाद भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट बन गए। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने परेड की समीक्षा के बाद पास आउट हो रहे जेंटलमैन कैडेटों की सलामी ली। नीलांशु अपने परिवार के तीसरे सदस्य हैं जो भारतीय सेना के अफसर बने हैं। उनके बड़े पिताजी श्यामसुंदर राय सेवानिवृत्त कर्नल तथा बड़े चचेरे भाई कर्नल अनुपम राय मद्रास रेजीमेंट में तैनात हैं। गांव में रहकर खेती-बारी करने वाले उनके सबसे बड़े पिताजी घनश्याम नारायण राय अपने छोटे भतीजे की इस उपलब्धि से बेहद खुश हैं। नीलांशु के पिता सुधीर राय, मां नीलम राय उनकी पासिंग आउट परेड के साक्षी बने। शुरुआती शिक्षा गांव में पूरा करने के बाद हाईस्कूल कोलकाता में किया। अपने बड़े पिताजी कर्नल श्यामसुंदर राय के यहां लखनऊ आ गए और आर्मी पब्लिक स्कूल से अपनी स्कूली शिक्षा के अंतिम दो वर्ष पूरे किए। इसके बाद एनडीए की परीक्षा दी और लिखित एसएसबी को पास किया। जनवरी 2018 में राष्ट्रीय रक्षा अकादमी खड़कवासला में प्रवेश लिया। दिसंबर 2020 में एनडीए में प्रारंभिक प्रशिक्षण शुरू करने के बाद जनवरी 2021 में आईएमए देहरादून गए।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें