गाजीपुर। महर्षि विश्वामित्र स्वशासी राजकीय मेडिकल कॉलेज के 100 बेड महिला अस्पताल में बुधवार को दो नवजात के बदलने का मामला सामने आया। हंगामा करने के बाद जिम्मेदारों ने कहा, गलती से ऐसा हो गया। वहीं, अपने-अपने नवजात मिलने के बाद दोनों पक्ष शांत हो गए। मामले में समझौता होने के बाद परिजन और स्वास्थ्यकर्मी कुछ भी कहने से बचते रहे।
अस्पताल के ओटी में एक साथ दो गर्भवती महिलाओं को प्रसव के लिए ले जाया गया। एक महिला ने पुत्री को जन्म दिया और दूसरी ने कुछ देर बाद पुत्र को जन्म दिया। आरोप है कि वहां तैनात वार्ड आया से नवजात बदल गए। पुत्र को जन्म देने वाली प्रसूता के परिजन को पुत्री दी गई। इधर, पुत्री को जन्म देने वाली प्रसूता के परिजन पुत्र दे दिया गया। हो हंगामा करने पर चिकित्सक व अन्य स्वास्थ्य कर्मी मौके पर पहुंचे। इस दौरान कहासुनी भी हुई। जिम्मेदारों ने अपनी गलती मानी कि दोनों प्रसूताओं के नाम मिलते-जुलते होने से गलती से दोनों नवजात बदल गए थे। दोनों पक्षों और स्वास्थ्य कर्मियों के आपसी सुलह से मामला शांत हो गया।