गाजीपुर। पुष्टाहार वितरण व्यवस्था में बदलाव किया गया है। शासन की ओर से बाल विकास विभाग को जनपद में फेस रिकॉग्निशन सिस्टम लागू करने का निर्देश दिया गया है। इसके माध्यम से लाभार्थी के चेहरे का सत्यापन कर पुष्टाहार वितरण किया जाएगा। इससे धांधली पर रोक लगेगी।
फेस रिकॉग्निशन सिस्टम लागू होने से पुष्टाहार वितरण व्यवस्था में पारदर्शिता आएगी। इससे यह बात सुनिश्चित हो जाएगी कि पात्र लाभार्थी को ही पुष्टाहार वितरित हो। जिले में बाल विकास विभाग की ओर से 4127 आंगनबाड़ी केंद्र संचालित किए जाते हैं। साथ ही लगभग 3500 आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और 3100 सहायिकाएं कार्यरत हैं।
आंगनबाड़ी केंद्रों पर पंजीकृत बच्चों की संख्या 304037 है। पुष्टाहार के रूप में हर बच्चे को 1.5 किलो गेहूं व दलिया, 1.5 किला चावल, दो किलो चना और 500 ग्राम सोयाबीन का तेल व अन्य खाद्य सामग्री वितरित की जाती है। गर्भवती महिला को यह सामग्री एक किलो के हिसाब से दी जाती है।
बाल विकास विभाग का दावा है कि जल्द ही फेस रिकॉग्निशन सिस्टम लागू कर दिया जाएगा। नई व्यवस्था लागू करने के लिए विभाग की ओर से पुष्टाहार वितरण में धांधली रोकने के लिए लाभार्थियों का पोषण ट्रैकर एप पर पंजीकरण किया जाएगा। नई व्यवस्था में उन्हीं लाभार्थियों को पोषाहार दिया जाएगा, जो पोषण ट्रैकर एप पर पंजीकृत होंगे। लाभार्थी के चेहरे का सत्यापन होने के बाद पंजीकृत मोबाइल पर मैसेज जाएगा।
बाद में लाभार्थी को पोषाहार मिलेगा। प्रभारी डीपीओ अरुण कुमार दूबे ने बताया कि फेस रिकॉग्निशन सिस्टम लागू करने के लिए शासन से निर्देश मिला है। इसे लागू करने की कवायद चल रही है।