सादात। त्रिस्तरीय पंचायत का कार्यकाल आगामी दिसंबर माह में समाप्त हो रहा है। इसे देखते हुए चुनाव के समीकरण बनने और बिगड़ने लगे हैं। पुराने चेहरों के साथ ही तमाम नए चेहरों ने भी मैदान में उतरने के लिए सींग में धुर लगाना शुरू कर दिया है। मतदाताओं को पटाने के लिए चट्टी और चौराहों की चाय-पान की दुकानों पर बैठकी भी होने लगी है।
सादात ब्लाक में ग्राम पंचायत की कुल 88 सीटें है। जबकि क्षेत्र पंचायत सदस्य की 107 और जिला पंचायत सदस्य की चार सीटें हैं। जिला पंचायत सदस्य की चार में से एक सीट आंशिक है। इस त्रिस्तरीयचुनाव में ग्राम पंचायत का चुनाव काफी महत्व रखता है। सहायक विकास अधिकारी रमेशचंद्र यादव ने बताया कि पिछले पंचायत चुनाव में कुल एक लाख 63 हजार 914 मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया था। बढे हुए मतदाताओं की अभी कोई नई सूची नहीं आई है। इस चुनाव मेंप्रत्याशी काफी धन खर्च करते हैं। ग्राम प्रधान के चयन को लेकर गांवों मेंमतदाता कई गुटों में बंट जाते हैं। वैसे तो अभी चुनाव की कोई भी तिथि घोषित नहीं की गई है लेकिन कार्यकाल को समाप्त होता देखकर हर किसी के मन मेंचुनाव को लेकर उमंग उठने लगी है। ब्लाक मेंक्षेत्र पंचायत सदस्यों के कुल 107 पद हैं। इन पदों का दायरा एक से दो ग्राम पंचायतों के बीच होता है। इस पद के चुनाव के लिए प्रत्याशियों में विशेष रुचि नहीं देखने को मिलती है। फिर भी ग्राम प्रधान स्वयं रुचि लेकर क्षेत्र पंचायत सदस्य के लिए प्रत्याशी मैदान में उतारते हैं। ब्लाक में जिला पंचायत सदस्य की तीन पूर्ण और एक आंशिक सीट है। इस बार जिला पंचायत सदस्य के चुनाव में भी कांटे का मुकाबला होने की चर्चा मतदाताओं में होने लगी है। चुनाव में क्या स्थिति बनेगी यह तो आने वाला समय ही बताएगा।