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Ghazipur News: बाढ़ प्रभावित गांवों में न मेडिकल कैंप लगाया न दवा का छिड़काव

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जलस्तर घटने के बाद औड़िहार के वराह घाट पर गंगा में स्नान करते लोग। संवाद
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गाजीपुर। बीते दो दिनों से जनपद में गंगा के जलस्तर में घटाव जरूर है, लेकिन जिम्मेदार अपनी जिम्मेदारी नहीं निभा रहे हैं। बाढ़ प्रभावित गांव हसनपुरा, वीरऊपुर व नगदीलपुर में जिम्मेदारों की ओर से मेडिकल कैंप नहीं लगाया गया है।
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बाढ़ का पानी उतरने के बाद संक्रामक बीमारियों के फैलने की संभावना रहती है। ऐसे में ग्रामीण मेडिकल कैंप की जरूरत महसूस कर रहे हैं, ताकि वह अपना स्वास्थ्य परीक्षण करा सकें। जनपद में मंगलवार की शाम पांच बजे गंगा का जलस्तर 61.820 मीटर दर्ज किया गया। प्रति घंटे एक सेमी की रफ्तार से गंगा में घटाव दर्ज किया गया।
वहीं रेवतीपुर क्षेत्र के हसनपुरा, वीरऊपुर व नगदीलपुर गांव की गलियों से बाढ़ का पानी उतर गया है। इससे ग्रामीण राहत की सांस ले रहे हैं। लेकिन, अभी तक न तो ब्लीचिंग का छिड़काव हुआ है और न ही साफ-सफाई की व्यवस्था शुरू हुई है। इसके साथ ही मेडिकल कैंप भी नदारद है। साथ ही सिवान व खेतों में अभी भी पानी पसरा हुआ है।
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यही हाल पटना, शादी-भादी व फुलवारी क्षेत्र में है। सुबह आठ बजे गंगा का जलस्तर 61.910 मीटर दर्ज किया गया था। सुबह के समय भी गंगा में घटाव प्रति घंटे एक सेमी रहा। गंगा के जलस्तर में घटाव के बावजूद शहर के ददरीघाट, चीतनाथ, कलक्टर घाट, खिड़की घाट, पोस्ताघाट, रामेश्वरघाट, गोलाघाट समेत शहर के 15 गंगा घाटों की आधी सीढि़यां अभी भी जलमग्न हैं। इससे श्रद्धालुओं को स्नान करने मेें दिक्कत हो रही है।

जलस्तर घटने के बाद औड़िहार के वराह घाट पर गंगा में स्नान करते लोग। संवाद

जलस्तर घटने के बाद औड़िहार के वराह घाट पर गंगा में स्नान करते लोग। संवाद

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