नंदगंज। सहेड़ी गांव में सार्वजनिक पोखरी से अतिक्रमण हटाने पहुंची राजस्व टीम पर पथराव और लाठी-डंडों से हुए हमले में घायल लेखपाल के मामले में पुलिस 24 घंटे बाद भी नामजद आरोपी सुनील बिंद को गिरफ्तार नहीं कर सकी है। हालांकि, पांच नामजद आरोपियों को जेल भेज दिया गया है।
वहीं, दस अज्ञात आरोपियों की पहचान के लिए पुलिस वीडियो फुटेज का सहारा ले रही है। उधर, देर शाम सार्वजनिक पोखरी को अतिक्रमण मुक्त करा दिया गया, जिससे 100 से अधिक घरों की जलनिकासी की समस्या दूर हो गई है। थानाध्यक्ष अतुल मिश्रा ने बताया कि गांव की सार्वजनिक पोखरी में आसपास के घरों का गंदा पानी एकत्र होता था, लेकिन अतिक्रमणकारियों ने धीरे-धीरे उसमें मिट्टी डालकर उसे पाट दिया और पक्का निर्माण कर कब्जा कर लिया था। इससे पोखरी के आसपास और गांव के अन्य मकानों से निकलने वाला गंदा पानी सड़कों पर जमा रहता था।
जलनिकासी की समस्या से ग्रामीण लंबे समय से परेशान थे। इसी समस्या के समाधान के लिए राजस्व टीम मौके पर पहुंची थी, जिस पर अतिक्रमणकारियों ने ईंट-पत्थरों से हमला कर दिया। लाठी-डंडों के हमले में लेखपाल अमित प्रजापति गंभीर रूप से घायल हो गए थे।
इस मामले में छह नामजद और दस अज्ञात आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। थानाध्यक्ष ने बताया कि आरोपी मोनू बिंद, राजू बिंद, मुन्ना बिंद, जामवंत और वीरेंद्र बिंद को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। जबकि नामजद आरोपी सुनील बिंद की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम उसके संभावित ठिकानों पर लगातार ताबड़तोड़ दबिश दे रही है। थानाध्यक्ष अतुल मिश्रा ने बताया कि अज्ञात आरोपियों की पहचान और नामजद आरोपी सुनील बिंद की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की दो टीमें गठित की गई हैं। दोनों टीमें लगातार संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं। इसके अलावा सुनील बिंद की लोकेशन ट्रेस करने के लिए उसके परिजनों, सहयोगियों और रिश्तेदारों से भी पूछताछ की जा रही है। संवाद