पिता शैलेंद्र सिंह ने कहा कि मेरे पास भी हाथ है, मैं भी मार सकता हूं। इतना सुनकर दादा वशिष्ठ सिंह आक्रोशित हो उठे। वहां मौजूद चचेरा भाई दोनों में बीच बचाव करता रहा। इसी दौरान गुस्से में दादा ने पास में रखे फावड़े से शैलेंद्र सिंह के सिर पर वार कर दिया। हमला होते ही शैलेंद्र सिंह लहूलुहान होकर जमीन पर गिरे और तड़पने लगे। चचेरा भाई दौड़कर घर आया और परिजनों को घटना की जानकारी दी।
आननफानन शैलेंद्र सिंह को मऊ स्थित निजी अस्पताल लेकर गए। जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इससे परिजनों में कोहराम मच गया। सुबह घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया। शैलेंद्र के पुत्र की तहरीर के आधार पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर आरोपी वशिष्ठ सिंह को गिरफ्तार कर लिया। बरेसर थानाध्यक्ष राजेश कुमार त्रिपाठी ने बताया कि मृतक के पुत्र अंकित की तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर आरोपी वशिष्ठ सिंह को गिरफ्तार कर विधिक कार्रवाई की जा रही है।
शराब की लत ने पूरे परिवार के लिए ऐसा दर्द दिया कि ताउम्र भुलाया नहीं जा सकेगा। शराब ने जहां एक पिता को अपने पुत्र का हत्यारा बना दिया, वहीं एक पत्नी का सुहाग, मां की गोद को सुनी कर दिया और बच्चों को अनाथ बना दिया। शैलेंद्र सिंह तीन भाइयों में दूसरे स्थान पर था। तीनों भाइयों में काफी प्रेम था। पूरा परिवार संयुक्त रहता है।
मुखिया पिता वशिष्ठ सिंह के दिशा-निर्देश में परिवार आगे बढ़ रहा था। घर में खुशियां थी, लेकिन शराब की लत ने पूरे परिवार के लिए ऐसा दर्द दिया कि ताउम्र भुलाया नहीं जा सकेगा। शैलेंद्र की पत्नी ग्राम प्रधान गुंजन सिंह, पुत्र अंकित और आलोक के आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे। उनके रोने- बिलखने की आवाज सुनकर वहां मौजूद ग्रामीणों का कलेजा फटा जा रहा था।