गाजीपुर। नगर के लंका-सिंचाई विभाग चौराहे के बीच खाली प्लॉट में नगर पालिका का कूड़ा डंप होने से राहगीर परेशान हैं। दुर्गंध के कारण राहगीर नाक पर रुमाल रखकर आवागमन करने को विवश हैं। आसपास की कॉलोनियों के रहवासी भी दुर्गंध से परेशान हैं। खुले में कूड़ा डंप करना एनजीटी (राष्ट्रीय हरित अधिकरण) की गाइडलाइन का उल्लंघन है। बावजूद इसके ऐसा कई महीनों से हो रहा है।
शहर में साफ-सफाई के लिए डीएम ने वार्डवार मजिस्ट्रेट की तैनाती की है ताकि वे निरीक्षण कर व्यवस्था सुनिश्चित कराएं। लेकिन, इसके बाद भी नगर पालिका गाजीपुर के ही क्षेत्र में सुधार नहीं हो रहा है। यही वजह है कि तमाम प्रयास के बाद भी नगर पालिका गाजीपुर स्वच्छ सर्वेक्षण की रिपोर्ट में प्रदेश में 554वें स्थान पर है। जनपद के सभी नगर निकायों में भी गाजीपुर नगर पालिका साफ-सफाई के मामले में 6554 अंकों के साथ चौथे स्थान पर है। क्योंकि जिम्मेदारों की उदासीनता से मातहत अपने हिसाब से व्यवस्थाएं सुनिश्चित करा रहे हैं। उदाहरण के तौर पर नगर के लंका से सिंचाई विभाग चौराहे को ही लिया जा सकता है। कलेक्ट्रेट और नगर पालिका कार्यालय के समीप इस मार्ग के मध्य में करंडा वाहन स्टैंड अस्थायी तौर पर स्थित है। स्टैंड से चोचकपुर, धरम्मरपुर, करंडा के लिए प्रतिदिन छोटी गाड़ियां चलती हैं। ऐसे में यहां बड़ी संख्या में यात्रियों का जमावड़ा लगा रहता है। स्टैंड जिस भूमि पर है, वह लो-लैंड है। इसी लो-लैंड में पालिकाकर्मी कूड़ा डंप करते हैं। कूड़ा डंप होने से निकलने वाली दुर्गंध से राहगीर ही नहीं, आसपास की कॉलोनियों में रहने वाले लोग भी परेशान हैं। स्थिति यह है कि उक्त स्थान या उसके आसपास पल भर भी कोई ठहर नहीं सकता। लोग नाक पर रुमाल रखकर यहां से निकलते हैं। आसपास के लोग दरवाजा बंद कर रहने को मजबूर हैं। बारिश होने पर स्थिति और भी नारकीय हो जाती है। ईओ धीरेंद्र कुमार राय ने कहा कि कर्मचारियों को खाली प्लॉटों में कूड़ा फेंकने से सख्ती से मना किया गया है।