गाजीपुर। सदर नगर पालिका प्रशासन एनजीटी (नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल) के नियमों को हवा में उड़ा रही है। एनजीटी का नियम है कि निस्तारण के लिए वाहनों पर लदे कूड़े को तिरपाल से ढका जाए। लेकिन, सदर नगर पालिका क्षेत्र में हकीकत इसके इतर है।
सदर नगर पालिका क्षेत्र में लगभग दर्जन भर कूड़ा डंपिंग स्थल है। कूड़ा उठाने के लिए लगभग आधा दर्जन की संख्या में ट्रैक्टर नगर पालिका के पास मौजूद है। कूड़ा डंपिंग स्थलों पर अन्य स्थानों के कूड़ों को लाकर गिराया जाता है। इकट्ठा हो जाने के बाद कूड़ा को ट्रैक्टर पर लादकर अन्य स्थानों पर निस्तारित किया जाता है। इस दौरान कूड़ा लदे ट्रैक्टरों को तिरपाल से नहीं ढंका जाता है। इसके कारण उठने वाली बदबू से नगर के लोगों की सेहत को नुकसान पहुंच रहा है। साथ ही ट्रैक्टर चलते वक्त कूड़े भी सड़क पर गिरते हैं। इससे जगह-जगह गंदगी फैलती है। इससे वातावरण भी प्रदूषित होता है। वहीं संक्रामक बीमारियों के फैलने का खतरा भी मंडराता रहता है।
कूड़ा उठाने का समय तय नहीं
गाजीपुर। नगर में जिन स्थानों पर कूड़ा डंपिंग स्थल बनाया गया है, वहां पर कूड़ा उठान की कोई तय समय नहीं है। कभी सुबह कूड़ा उठान किया जाता है तो ज्यादातर दोपहर के समय ट्रैक्टर वहां पर कूड़ा उठान के लिए पहुंचते हैं। लोगों की मांग है कि कूड़ा उठान का कार्य सुबह ही हो जाना चाहिए, ताकि राहगीरों को बदबू का सामना न करना पड़े।
प्रतिदिन निकलता है 40 से 42 मीट्रिक टन कूड़ा
गाजीपुर। नगर में कुल 25 वार्ड हैं। इन वार्डों से प्रतिदिन लगभग 40 से 42 मीट्रिक टन कूड़ा निकलता है। अभी इनका निस्तारण खुले में होता है। एनजीटी का नियम यह भी है कि खुले में कूड़े का निस्तारण न किया जाए। वहीं दो वर्षों से छावनी लाइन के पास 5.83 करोड़ की लागत से कूड़ा निस्तारण संयत्र निर्माणाधीन है।
एनजीटी के नियमों का पूरी तरह से पालन किया जाएगा। तुरंत तिरपाल खरीदने का निर्देश दिया जाएगा। तिरपाल से ढंककर ही कूड़ा निस्तारण किया जाएगा। - नवीन श्रीवास्तव, प्रभारी ईओ नगर पालिका