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पैतृक कब्रिस्तान में सुपुर्द-ए-खाक हुआ मुख्तार का करीबी मेराज

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दुबिहा (गाजीपुर)। मऊ जिले के सदर विधायक मुख्तार अंसारी के करीबी मेराजुद्दीन उर्फ मेराज का शव वाराणसी से शनिवार की दोपहर करीब दो बजे पैतृक गांव महेंद पहुंचा। हत्या की सूचना पर बिहार प्रांत के कैबिनेट मंत्री मुहम्मद जमा खान पहुुंचे और घटना पर दुख जताया। जनाजे की नमाज के बाद शाम साढ़े पांच बजे गांव के कब्रिस्तान में मेराज को सुपुर्द-ए-खाक कर दिया गया। इधर सुरक्षा के दृष्टिकोण से गांव में मुहम्मदाबाद के एसडीम राजेश गुप्ता एवं सीओ राजीव द्विवेदी के नेतृत्व में पांच थानों की पुलिस तैनात रही।
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करीमुद्दीनपुर थाना क्षेत्र के महेंद गांव निवासी मेराजुद्दीन उर्फ मेराज खां का चित्रकूट से शव वाराणसी आने के बाद आज दोपहर दो बजे परिजन पैतृक गांव लेकर पहुंचे। शव पहुंचते ही दरवाजे पर ग्रामीणों की भीड़ लग गई। बिहार सरकार के कैबिनेट मंत्री मुहम्मद जमा खान पहुंचे और परिजनों से मिलकर शोक जताया। शाम साढ़े पांच बजे जनाजे की नमाज के बाद शव को पैतृक कब्रिस्तान में सुपुर्द-ए-खाक किया गया। इधर सुरक्षा के दृष्टिकोण से गांव में मुहम्मदाबाद के एसडीएम राजेश गुप्ता एवं सीओ राजीव द्विवेदी के नेतृत्व में मुहम्मदाबाद, नोनहरा, भांवरकोल, बरेसर और करीमुद्दीनपुर थाने की पुलिस गांव में चप्पे-चप्पे पर तैनात की गई थी।
दोनों अधिकारियों के नेतृत्व में पुलिस गांव में चक्रमण भी कर रही थी। मालूम हो कि महेंद गांव निवासी मेराज खां मुख्तार गैंग की रीढ़ माना जाता था। बीस वर्ष पूर्व परिवार के साथ पैतृक गांव छोड़कर वाराणसी चला गया था। वहां मछली व्यवसाय से लेकर मंडी की वसूली और आपराधिक घटनाओं से लेकर ठेका तक का लेखा-जोखा रखता था। चित्रकूट में हत्या की जानकारी मिलते ही वाराणसी एवं पैतृक गांव महेंद में मातम पसर गया था। इस संबंध में सीओ राजीव द्विवेदी ने बताया कि परिजनों द्वारा शांतिपूर्वक जनाजे की नमाज के बाद शव को कब्रिस्तान में सुपुर्द-ए-खाक कर दिया गया।
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