गाजीपुर। सांसद अब अपने निर्वाचन क्षेत्र से बाहर भी विकास कार्यों के लिए अपनी विकास निधि का इस्तेमाल कर सकेंगे। इसे लेकर शासनादेश आया है।
शासनादेश के तहत 25 लाख रुपये खर्च किए जा सकते हैं। केंद्र सरकार ने सांसद निधि के खर्च को लेकर संशोधित आदेश जारी किया है। सांसदों को क्षेत्रीय विकास निधि के तौर पर हर वित्तीय वर्ष में पांच करोड़ रुपये केंद्र सरकार उपलब्ध कराती है।
सांसदों को क्षेत्रीय विकास निधि के तौर पर प्रत्येक वित्तीय वर्ष में पांच करोड़ रुपये केंद्र सरकार उपलब्ध कराती है। राज्यसभा के सदस्यों को अपनी निधि का इस्तेमाल देश में कहीं भी करने की छूट है। लोकसभा सदस्यों को अपने क्षेत्र में ही विकास निधि का इस्तेमाल करने की इजाजत अब तक थी।
अब शासन ने विकास निधि के खर्च को लेकर संशोधित आदेश जारी किया है। इसमें लोकसभा सदस्यों को अपने क्षेत्र से बाहर भी निधि खर्च करने की इजाजत दी गई है। इसके अनुसार अब लोकसभा सदस्य अपने क्षेत्र से बाहर एक वित्तीय वर्ष में 25 लाख रुपये तक खर्च कर सकेंगे।
इससे लोकसभा सदस्यों को सहूलियत मिलने की उम्मीद है। इससे पहले तक लोकसभा सदस्य निधि खर्च को लेकर एक दायरे में बंधे हुए थे। इसे लेकर केंद्र सरकार का आदेश ग्राम्य विकास अभिकरण और जिला प्रशासन के अधिकारियों को मिल गया है।