गाजीपुर। समाजवादी पार्टी के सांसद अफजाल अंसारी ने राम मंदिर निर्माण में चंदे के उपयोग को लेकर आरोप लगाए कि राम मंदिर के नाम पर जुटाए गए चढ़ावे और चंदे में धांधली हुई है। सांसद ने यहां तक कहा कि यह भगवान के दरबार की चोरी है और इसके लिए जिम्मेदार लोगों को जवाब देना होगा। सांसद ने कथित गड़बड़ियों की तुलना महमूद गजनवी द्वारा सोमनाथ मंदिर की लूट से कर दी। उन्होंने कहा कि जिस तरह इतिहास में मंदिरों की संपत्ति लूटी गई थी, उसी तरह आज भी आस्था के नाम पर लोगों की भावनाओं के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि भगवान भी ऐसे कृत्य को माफ नहीं करेंगे।
सोमवार को कलेक्ट्रेट परिसर स्थित रायफल क्लब सभागार में सांसद अफजाल अंसारी ने कहा कि राम मंदिर निर्माण के लिए देशभर से श्रद्धालुओं ने आस्था के साथ चढ़ावा दिया था, लेकिन अब चढ़ावे में आई कमी कई सवाल खड़े कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि मंदिर निर्माण से जुड़े लोगों को जनता के सामने हिसाब देना चाहिए। सांसद ने राम मंदिर मामले में चल रही एसआईटी जांच को भी कठघरे में खड़ा किया। उन्होंने इसे नाटक बताते हुए मांग की कि आदि शंकराचार्य द्वारा स्थापित चारों पीठों के शंकराचार्यों की निगरानी में निष्पक्ष जांच कराई जाए, ताकि सच्चाई सामने आ सके।
वाराणसी में रेलवे की जमीन पर स्थित एक मस्जिद को हटाने की कार्रवाई पर भी अफजाल अंसारी ने केंद्र सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि संविधान और कानून से ऊपर कोई नहीं है। यदि कोई विवाद है तो उसका निस्तारण न्यायपालिका के माध्यम से होना चाहिए, न कि प्रशासनिक कार्रवाई के जरिए। उन्होंने दावा किया कि संबंधित मस्जिद का अस्तित्व वहां रेलवे लाइन और स्टेशन बनने से पहले का है।
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री की ओर से भारत के मुसलमानों को लेकर दिए गए बयान पर सांसद ने कहा कि भारतीय मुसलमान सुरक्षित हैं और देश के अंदरूनी मामलों में किसी बाहरी हस्तक्षेप की आवश्यकता नहीं है। उन्होंने कहा कि भारत की जनता अपनी समस्याओं का समाधान संविधान और न्यायपालिका के माध्यम से करने में सक्षम है।
आगामी विधानसभा चुनाव और सपा-कांग्रेस गठबंधन की संभावनाओं पर पूछे गए सवाल के जवाब में अफजाल अंसारी ने कहा कि कांग्रेस यदि सभी 403 सीटों पर तैयारी कर रही है तो इसमें कोई आश्चर्य नहीं है। उन्होंने कहा कि गठबंधन प्री-पोल और पोस्ट-पोल दोनों प्रकार के होते हैं और विपक्षी दल राजनीतिक परिस्थितियों के अनुसार निर्णय लेते हैं। उन्होंने संकेत दिया कि सीट बंटवारे को लेकर किसी तरह का तनाव नहीं है और विपक्ष भाजपा के खिलाफ एकजुटता बनाए रखने पर नजर रखे हुए है।