जिले के नगर पालिका परिषद एवं नगर पंचायतों के विभिन्न वार्डों से निकलने वाला करीब 50 से 60 मीट्रिक टन कूड़ा सिरदर्द बना हुआ है। वजह अब तक नगर पालिका परिषद गाजीपुर में जहां कूड़ा प्रोसेसिंग प्लांट स्थापित नहीं हो सका है, वहीं मुुहम्मदाबाद और जमानिया में एमआरएफ सेंटर (मैटेरियल्स रिकवरी फैसेलिटी) का निर्माण भी शुरू नहीं हो सका है। ऐसे में कूड़ा अभी सड़कों के किनारे ही डंप किया जा रहा है। जबकि कुछ नगर पंचायतों में सेंटर बनाने का कार्य शुरू हुआ है तो कहीं सेंटर तो बन चुका है, लेकिन अब तक निस्तारण की प्रक्रिया के लिए मशीन ही स्थापित नहीं हो सकी है। ऐसे में इससे फिलहाल निजात मिलता नहीं दिख रहा है। जबकि जिला प्रशासन की ओर से एमआरएफ सेंटर का निर्माण कराने का निर्देश दिया गया है, बावजूद स्थितियां जस की तस बनी हुई है।
नगर पालिका परिषद गाजीपुर की ओर से आबादी से दूर आदर्श बाजार के बाहर कूड़ा डंपिंग यार्ड तो बनाया गया है, लेकिन छावनी लाइन में करीब 40 लाख रुपये की लागत से स्थापित होने वाले कूड़ा प्रोसेंसिंग प्लांट का कार्य पूर्ण नहीं हो सका है। यहीं नहीं शहर के बाहर बने कूड़ा डंपिंग यार्ड तक कूड़ा पहुंचाने के बजाए अभी भी कूड़ा जमानिया तिराहे से लेकर हमीद सेतु पुल तक सड़क के दोनों तरफ डंप करने का कार्य शुरू किया जा रहा है। यहीं नहीं उसमें आग लगाने से स्थितियां और भी खराब हो जा रही हैं।
मुहम्मदाबाद और जमानिया में नहीं बन सका सेंटर
जिले के दो नगरपालिका परिषद मुहम्मदाबाद एवं जमानिया में अब तक एमआरएफ सेंटर का निर्माण नहीं हो सका है। मुहम्मदाबाद नगर पालिका परिषद की ओर से हाटा में जमीन तो चिह्नित की गई है, लेकिन अब तक सेंटर निर्माण की प्रक्रिया शुरू भी नहीं हो सकी है। ऐसे में प्रतिदिन विभिन्न वार्डों से निकलने वाला करीब 10 से 12 मीट्रिक टन कूड़ा शाहनिंदा बस स्टैंड के पास सड़क के दोनों तरफ डंप किया जा रहा है। ऐसे में कूड़े से उठने वाला दुर्गंध लोगों के लिए परेशानी का सबब बन चुका है। ईओ वीरेंद्र राव ने बताया कि जल्द ही निर्माण शुरू होगा। जमानिया नगर पालिका परिषद की ओर से एमआरएफ सेंटर के लिए फुल्ली गांव में जमीन चिह्नित करने के साथ सेंटर निर्माण के लिए टेंडर की प्रक्रिया शुरू की गई थी, लेकिन टेंडर अपूर्ण होने पर निरस्त कर दिया गया। ऐसे में अब जल्द टेंडर की प्रक्रिया शुरू करने का दावा नपा प्रशासन की ओर से किया जा रहा है।
बहादुरगंज एवं जंगीपुर में चल रहा निर्माण कार्य
बहादुरगंज नगर पंचायत की ओर से बंकाखास में सेंटर निर्माण की प्रक्रिया शुरू गई गई। करीब 40 लाख रुपये में टीनशेड हाल, एक कक्ष और शौचालय के अलावा कूड़ा प्लांट के लिए मशीन लगेगी। निर्माण कार्य तीन माह में पूर्ण किया जाएगा। वहीं जंगीपुर नगर पंचायत की ओर से 33 लाख 67 हजार रुपये में मदारपुर में एमआरएफ सेंटर का निर्माण चल रहा है। करीब 600 वर्ग मीटर में बनने वाले सेंटर का निर्माण कार्य अगस्त माह में पूरा कर लिया जाएगा। फिलहाल नींव से आगे का कार्य पूरा कर लिया गया है। अब चारदीवारी का कार्य शुरू हो चुका है।
दिलदारनगर में नहीं लगी मशीन, सादात और सैदपुर में संचालन नहीं
नगर पंचायत दिलदारनगर की ओर से रक्सहा गांव में एमआरएफ सेंटर बनाया गया है, लेकिन अब तक प्लांट नहीं लग सका है। ऐसे में कूड़ा अभी सिर्फ डंप हो रहा है। निस्तारण की प्रक्रिया अभी शुरू नहीं हो सकी है। यहां प्रतिदिन आठ मीट्रिक टन कूड़ा निकलता है। करीब 16 लाख रुपये से प्लांट स्थापित कराया जाएगा। ईओ मनोज पांडेय ने बताया कि प्रस्ताव भेजा गया है। सादात नगर पंचायत की ओर से शिकारपुर में कूड़ा डंपिंग यार्ड बनने के साथ मशीन भी स्थापित है, लेकिन अब तक संचालन नहीं हो सका है। वहीं सैदपुर नगर पंचायत की ओर से कूड़ा प्रोसेसिंग प्लांट कोटिसा गोड़ारी गांव के बाहर स्थापित कराने के साथ ट्रायल भी हो चुका है, लेकिन बिजली कनेक्शन के अभाव में स्थिति जस की तस बनी हुई है। ईओ आशुतोष त्रिपाठी ने बताया कि जून तक बिजली कनेक्शन हो जाएगा और मशीन द्वारा कूड़ा निस्तारण की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी।
कहीं 33 तो कहीं 40 लाख में हो रहा निर्माण
गाजीपुर। नगर पालिका परिषद एवं नगर पंचायत में कूड़ा डंपिंग यार्ड के लिए शासन की ओर से धनराशि का आवंटन कर दिया गया है। जंगीपुर नगर पंचायत की ओर से जहां 33 लाख 67, बहादुरगंज नगर पंचायत में 40 लाख, दिलदारनगर में 37 लाख खर्च में निर्माण हो रहा है अथवा कराया जा चुका है। जबकि अब तक पूर्ण कहीं भी कूड़ा निस्तारण की प्रक्रिया संचालित नहीं हो सकी है।
एमआरएफ सेंटर निर्माण को लेकर पिछले दिनों समीक्षा की गई थी। सभी नगर पालिका परिषद एवं नगर पंचायत ईओ को जल्द से जल्द कार्य पूर्ण करने का निर्देश दिया गया था। पुन: समीक्षा में सेंटर के निर्माण कार्य और जिन जगहों पर जमीन चिह्नित है तो अब तक निर्माण कार्य क्यों नहीं शुरू हो सका। इसकी पूरी प्रगति की समीक्षा जल्द ही होगी। कार्य में लापरवाही पाए जाने पर कार्रवाई होगी।
- एमपी सिंह, जिलाधिकारी गाजीपुर।