जखनिया। भाजपा की ओर से डॉ. भीमराव आंबेडकर सम्मान विचार गोष्ठी का आयोजन मंगलवार को अलीपुर मदरा स्थित एक शैक्षणिक संस्थान में किया गया। कौशांबी के पूर्व सांसद विनोद सोनकर ने कहा कि अगर डॉ. भीमराव आंबेडकर नहीं रहे होते, तो देश में माताओं, बहनों, बेटियों को वोट देने का भी अधिकार नहीं मिला होता।
उन्होंने कहा कि बाबा साहब के चिह्नों को मिटाने की बात करने वाले लोग संविधान और आरक्षण की बात करने लगे हैं। बाबा साहेब के जन्म से लेकर शिक्षा, संस्कार परिनिर्वाण से जुड़े स्थानों को सिर्फ भाजपा सरकार ने पंचतीर्थ के रूप में विकसित किया है। भाजपा ने संविधान का संशोधन पार्टी, पद या स्वार्थ के लिए नहीं देश, समाज की समृद्धि के लिए किया है।
भाजपा और कांग्रेस के संविधान संशोधन के एक-एक विषय पर चर्चा करते हुए कहा कि संविधान में अब तक हुए सर्वाधिक संशोधन कांग्रेस या उसकी विचारधारा वालों की ओर से पार्टी, पद और स्वयं के हितों के लिए किया गया है। केंद्र सरकार ने अब तक महज आठ संशोधन किए हैं, जिसमें देश की एकता और अखंडता के लिए, जम्मू कश्मीर के लोगों के विकास और उत्थान के लिए धारा 370, माताओं-बहनों के सम्मान के ट्रिपल तलाक पर, सीएए आदि राष्ट्रीय विषयों के लिए किया है। कांग्रेस की ओर से बाबा साहेब का अपमान उनके जीवन में बार-बार किया गया।
उन्हें सदन में जाने से रोकने के लिए प्रयास किया गया और आज संविधान की बात करते हैं। कांग्रेस के लोग बाबा साहब को संविधान सभा का सदस्य भी नहीं बनाना चाहते थे।