गाजीपुर जनपद की अपर सत्र न्यायाधीश तृतीय श्वेता वर्मा की अदालत ने बुधवार को एक महिला की जहर देकर हत्या करने के मामले में दोष सिद्ध होने पर मां और उसके दो बेटों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही तीनों दोषियों पर 20-20 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। फैसला सुनाए जाने के बाद तीनों को पुलिस हिरासत में लेकर जिला कारागार भेज दिया गया।
क्या है पूरा मामला
अभियोजन के अनुसार नगसर हॉल्ट थाना क्षेत्र के गगरन गांव निवासी मुकेश कुमार पाल ने 11 मार्च 2015 को तहरीर दी थी। आरोप था कि पुरानी रंजिश को लेकर गांव निवासी लालबहादुर पासवान, उसके भाई लालविहारी पासवान और मां आशा देवी ने उसकी मां जगरानी देवी को अकेला पाकर जहरीला पदार्थ खिला दिया। जगरानी देवी दवा लेने डॉक्टर के पास जा रही थीं। जानकारी होने पर परिजन उन्हें जिला अस्पताल ले गए, जहां चिकित्सक ने मृत घोषित कर दिया।
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वादी की तहरीर पर पुलिस ने तीनों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। विवेचना पूरी करने के बाद पुलिस ने आरोप पत्र न्यायालय में पेश किया। मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन की ओर से 11 गवाह पेश किए। बुधवार को दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद अदालत ने तीनों आरोपियों को दोषी मानते हुए आजीवन कारावास और 20-20 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई।