गाजीपुर। जिले के विभिन्न थानों में लंबे समय से जब्त वाहन मच्छरों का कारक बन चुके हैं। स्थिति यह है कि कहीं वाहन धीरे-धीरे मिट्टी में तब्दील हो रहे हैं तो कहीं जंगली घास व पौधे उग आए हैं। क्षतिग्रस्त व जर्जर चारपहिया वाहनों में एकत्र बरसात के पानी से डेंगू मच्छरों के बढ़ने की संभावना बढ़ गई है। बावजूद पुलिस महकमा इनके निस्तारण को लेकर ठोस कदम नहीं उठा रहा है।
पुलिस द्वारा जब्त किए गए ये वाहन डेंगू वाले मच्छरों के पनपने के लिए सुरक्षित स्थान बनते जा रहे हैं। बारिश होने पर इन वाहनों में पानी जमा हो जाता है। इससे संक्रामक बीमारी फैलने का खतरा भी बढ़ जाता है। शहर कोतवाली में दशकों से करीब 200 वाहन खड़े हैं। स्थिति यह है कि जब्त बाइक के निचले हिस्से मिट्टी में तब्दील होते जा रहे हैं। वाहनों के टायरों में एकत्र पानी की साफ-सफाई को लेकर सार्थक कदम नहीं उठाए जा रहे हैं।
सैदपुर कोतवाली के सामने सड़क किनारे लंबे समय से 25 जब्त वाहन खड़े हैं। वाहनों पर जंगली घास और लताएं इस कदर हैं कि वाहन ढक गए हैं। नंदगंज थाने में 325, दिलदारनगर 68, बिरनो 20, लठ्ठूडीह में 10, करीमुद्दीनपुर 10, मरदह 100, सादात 45, करंडा 70, रेवतीपुर में 17, सुहवल में 85, नगसर में 10, जमानिया थाने में 65 वाहन खड़े हैं। इनमें कई वाहन सालों से खड़े होने के कारण कबाड़ बो चुके हैं। इसके बावजूद इनके निस्तारण को लेकर कोई ठोस कदम तक नहीं उठाया जा सका है।
बरसात का पानी एकत्र न होने दें, जिससे मच्छरों का लार्वा न पनप सके। पुलिस विभाग के उच्चाधिकारियों को भी पत्र भेजा जाएगा, जहां जब्त वाहन हैं, वहां बरसात का पानी जमा न होने दें।-डाॅ. देश दीपक पाल, सीएमओ
एसपी सिटी ज्ञानेंद्र ने बताया कि समय-समय पर थानों में जब्त किए गए वाहनों की नियमानुसार नीलामी होती है। देखा जाएगा, जो नीलामी योग्य होंगे वे उनकी नीलामी की कार्रवाई की जाएगी।