गाजीपुर। माध्यमिक शिक्षा परिषद की हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट की बोर्ड परीक्षा शुरू होने में अब सिर्फ एक सप्ताह का समय शेष रह गया है। सरकार की ओर से नकल रोकने के लिए तमाम जतन किए जा रहे हैं। जिले पर सरकार की विशेष निगाह टिकी है। यही कारण है कि नकल पर नकेल कसने के लिए खुफिया एजेंसियों को भी इस बार परीक्षा में लगाया गया है। यह अभी तक गोपनीय है, लेकिन परीक्षा बैठकों में जिलाधिकारी ने इसके स्पष्ट संकेत दे दिए हैं। जनपद के खुफिया एजेंसियों से भी परीक्षा के संबंध में रिपोर्ट मांगी है। यहां की गोपनीय रिपोर्ट से शिक्षा माफियाओं की भावी रणनीति का पता चल चुका है। सरकार ने उन पर नकेल कसने का काम शुरू कर दिया है।
बोर्ड परीक्षा को लेकर जिले का पिछला रिकॉर्ड अच्छा नहीं है। अन्य परीक्षाओं में भी यह जिला बदनाम है। हाल ही में संपन्न हुई टीईटी की परीक्षा में एसटीएफ ने नकल माफियाओं की धरपकड़ करके नकल गिरोह का पर्दाफाश किया था। एसटीएफ की कामयाबी को देखते हुए नकल माफियाओं के हौसले पस्त हुए हैं। बोर्ड परीक्षा में भी एक बार फिर गोपनीय रूप से एसटीएफ को कमान सौंपी गई है। एसटीएफ की सक्रियता से नकल कराने वालों की बेचैनी बढ़ गई है। ठेका पर नकल कराने वालों को खुफिया तंत्र द्वारा चिह्नित किया जा चुका है। उन पर पैनी नजर रखी जा रही है। अगर नकल माफिया पुलिस या एसटीएफ की गिरफ्त में आते हैं तो उनकी संपत्ति जब्त होगी। साथ ही उन पर गैंगेस्टर एक्ट भी लागू किया जाएगा। नकल माफियाओं की उम्मीदों पर पानी फेरने के लिए परीक्षा केंद्रों पर सेक्टर मजिस्ट्रेट, जोनल मजिस्ट्रेट एवं स्टेटिक मजिस्ट्रेट को लगाया गया है। जबकि हर केंद्र का चक्रमण करते रहने के लिए आठ सचल दल का गठन किया गया है। नकल की सूचना मिलते ही यह दल नजदीकी केंद्र पर चंद मिनटों में पहुंचेगा और उचित कार्रवाई करेगा।
इस बार छह की जगह आठ सचल दस्ते गठित
गाजीपुर। इस बार छह की जगह आठ सचल दस्ते बनाए गए हैं। इन सचल दस्तों में जिला विद्यालय निरीक्षक और जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को छोड़कर दो दस्ते डायट से और दो दस्ते बेसिक एवं माध्यमिक के वित्त एवं लेखाधिकारियों के बनाए गए हैं। इसके अलावा दो दस्ते राजकीय कालेज के शिक्षकों के हैं।