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मंत्रियों की भरमार, सड़कों कोई नहीं पुरसाहाल

Tue, 17 Nov 2015 11:43 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला/गाजीपुर
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 ग्रामीण क्षेत्रों की कौन कहे शहर की तमाम सड़के इतनी बदहाल हो गई हैं, उनपर चलना किसी जोखिम से कम नहीं है। कुछ सड़कों पर डेढ़ फुट के गड्ढे हैं और लोग अक्सर गिरकर घायल होते रहते हैं। ऐसा नहीं की जनता इस पर आवाज नहीं उठाती है लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही। यह स्थिति तब है जबकि सूबे की सरकार में यहां के चार रसूखदार मंत्री हैं और सांसद केंद्रीय मंत्री।
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 शहर की मुख्य सड़कों में से एक भाजपा कार्यालय से सिटी रेलवे स्टेशन मार्ग पर इतने गड्ढे हैं कि हिचखोले खाकर कमर टेढ़ी हो जाती है। यह ऐसी सड़क है, जिससे नेता, अफसर और मंत्रियों को आनाजाना ही पड़ता है। इससे भी खराब हालत सुखदेवपुर चौराहा से घाट स्टेशन जाने वाली सड़क की है। लोग अक्सर इन सड़कों की बदहाली का मुद्दा उठाते रहते हैं लेकिन कोई सुनने वाला नहीं है।

बदहाल सड़क का नमूना देखना हो तो सुखदेवपुर चौराहा पर चले जाइए। इस चौराहा से घाट स्टेशन जाने वाली सड़क पर ऐन चौराहे के पास करीब डेढ़ फीट का गड्ढा है। आगे रेलवे क्रासिंग के पास सड़क पर दो फीट का गड्ढा हो गया। थोड़ा और आगे आधी सड़क गायब हो गई। वहां सड़क के नाम पर कुछ उखड़ी गिट्टियां भर बची हैं, जो घातक भी हैं। यहां वाहन पलटने के भय से चालक चींटी की चाल से चलते हैं, जिससे जाम लगता है। मंगलवार की दोपहर इस गड्ढों में एक निषक्त की ट्राइसकिल फंस गई, जिसे आसपास के लोगों ने धक्का देकर निकाला।
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