सपा के प्रदेश महासचिव और पर्यटन मंत्री ओमप्रकाश सिंह की घुड़की काम नहीं
आई। नाक का सवाल बन चुके रेवतीपुर ब्लाक प्रमुख की प्रतिष्ठापरक कुर्सी पर
निर्दल प्रत्याशी मुकेश राय ने कब्जा कर लिया। उन्होंने काबीना मंत्री के
करीबी राजेश सिंह पप्पू की पत्नी प्रिया सिंह को चार मतों से पराजित किया।
मुकेश को 47 और प्रिया सिंह को 43 मत मिले।
रेवतीपुर ब्लाक प्रमुख का
चुनाव कई कारणों से प्रतिष्ठापरक हो गया था। पहले बीडीसी सुशील कन्नौजिया
के अपहरण के आरोप में मुकेश राय और उनके पांच समर्थकों को गिरफ्तार कर जेल
भेज दिया गया। मुकेश के समर्थकों ने इसे पर्यटन मंत्री की साजिश करार दिया
था।
बसुका के बीडीसी सलीम आगा उर्फ प्रिंस को धमकी देने का पर्यटन मंत्री
का आडियो वायरल हो गया। कुछ और बीडीसी सदस्यों ने पर्यटन मंत्री पर सपा
प्रत्याशी प्रिया सिंह के पक्ष में मतदान करने के लिए धमकाने का आरोप लगाया
था। मामला निर्वाचन आयोग तक पहुंचा।
आयोग के निर्देश पर जांच हुई। आवाज
मंत्री की सिद्ध न होने के कारण प्रशासन ने पर्यटन मंत्री को क्लीन चिट दे
दी। सुर्खियों में रहीं इन बातों से रेवतीपुर ब्लाक संवेदनशील मना
जाने लगा था और प्रशासन ने मतदान स्थल ब्लाक से हटाकर सुहवल इंटर कालेज में
कर दिया था। जिला कारागार में निरुद्ध निर्दल प्रत्याशी मुकेश राय व करिया
राय को कड़ी सुरक्षा के बीच लाकर मतदान कराया गया।
मतदान के बाद दोनों
को जेल भेज दिया गया। शाम को मतदगणना के बाद मुकेश राय ने चार वोटों से
प्रिया सिंह को हरा दिया। जेल में रहकर मुकेश के चुनाव जीतने को कैबिनेट
मंत्री की भारी पराजय रुप में रेखांकित किया जा रहा है। ब्लाक की
अतिसंवेदनाशीलता को देखते हुये पूरे क्षेत्र को छावनी में तब्दील किया गया
था।
एसडीएम जमानियाँ, सीओ सीटी वेदप्रकाश सिंह , जिलाधिकारी डॉ. अशोक
चंद्र, पुलिस अधीक्षक रामकिशोर ने भी मतदान का जायजा लिया। मुकेश की जीत के
बाद उनके समर्थक खुशी में झूम उठे। समर्थकों ने आतिशबाजी की और मिठाइयां
बांटी।