वाराणसी के पहड़िया में 30 जनवरी को गोली मारकर हुई करंडा ब्लाक प्रमुख रजावती देवी के पति अमरनाथ यादव की हत्या के चार आरोपियों को क्राइम ब्रांच और नंदगंज पुलिस ने शनिवार को दिन के दो बजे धर दबोचा। इनमें से तरवां निवासी एक हरेंद्र सिंह भी शामिल है जो प्रमासपा नेता अरुण सिंह और मनोज सिंह का करीबी रिश्तेदार है। अरुण के चचेरे भाई व एक शराब कंपनी के मैनेजर मनोज सिंह की गत वर्ष मार्च माह में गोली मारकर हत्या करने के बाद 28 लाख रुपये लूट लिए गए थे। आरोपी हरेंद्र ने पुलिस को बताया कि इस घटना का बदला लेने के लिए उसने अमरनाथ की हत्या की योजना बनाई थी।
पुलिस अधीक्षक रामकिशोर ने शनिवार को अपने कार्यालय में पत्रकारों को बताया कि क्राइम ब्रांच की टीम नंदगंज क्षेत्र में भ्रमण कर रही थी कि मुकदमे का सुराग लेने आए सारनाथ के प्रभारी निरीक्षक अशोक सिंह से मुलाकात हो गई। टीम अमरनाथ हत्याकांड के बारे में बात कर रही थी कि मुखबिर से सूचना मिली कि करंडा प्रमुख रजावती के पति अमरनाथ यादव की हत्या के आरोपी बरहपुर गांव स्थित गांगी पुलिया पर मौजूद हैं। इस पर नंदगंज थानाध्यक्ष राम सिंह और क्राइम ब्रांच के प्रभारी टीबी सिंह टीम के साथ बरहपुर पहुंच गए। पुलिस टीम को देखते ही आरोपी बाइक से भागने लगे। पुलिस टीम ने पीछा कर दो बाइक पर सवार चार बदमाशों को मुठभेड़ के बाद पकड़ लिया। पुलिस की
पूछताछ में चारों ने अपना नाम सादात क्षेत्र के टांड़ा गांव निवासी पन्ना उर्फ राजन चौधरी, सदर कोतवाली के जमालपुर निवासी रूदल बिंद, आजमगढ़ के तरवा का मूल निवासी हरेंद्र सिंह, जो वर्तमान में गाजीपुर के तुलसी सागर मोहल्ले में रहता था तथा करंडा थाना क्षेत्र के बासूचक निवासी पूर्व ग्राम प्रधान मनोज सिंह बताया। पुलिस ने चारों के कब्जे से एक पिस्टल 9 एमएम, एक 32 बोर की पिस्टल, एक देशी तमंचा, पांच कारतूस दो खोखा और चार मोबाइल बरामद किया। इसके अलावा दो बाइक बरामद की गई। एसपी ने बताया कि इनमें से एक बाइक से अमरनाथ
हत्याकांड को अंजाम दिया गया था। उन्होंने बताया कि 14 अक्तूबर 2015 को नंदगंज विद्यालय के प्रबंधक कैलाश यादव की हत्या में पन्ना चौधरी और संतोष सिंह शामिल थे। संतोष सिंह और सोनू अभी फरार है। 30 जनवरी 2016 को अमरनाथ की हत्या में सात लोग शामिल थे, जिसमें संतोष भी था।
हरेंद्र ने बताया कि एक शराब कंपनी के मैनेजर मनोज सिंह की हत्या में हेरोइन तस्कर अमरनाथ सिंह का हाथ था।
उसने बताया कि मनोज सिंह उसके मौसा थे और उनकी हत्या का बदला लेने के लिए अमरनाथ की हत्या की।
इस सफलता पर डीआईजी ने पुलिस टीम को दस हजार, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक वाराणसी ने पांच और गाजीपुर पुलिस अधीक्षक ने पांच हजार रुपये का इनाम देने की घोषणा की है।
पुलिस अधीक्षक रामकिशोर ने बताया कि करंडा ब्लाक प्रमुख प्रत्याशी रिंकू सिंह और विनोद सिंह का अमरनाथ हत्या कांड से कोई लेना देना नहीं है। दोनों के विरुद्ध कोई साक्ष्य नहीं मिला है। उन्हें क्लीन चिट दे दी गई है।