पीजी कालेज छात्रसंघ के चुनाव में उपाध्यक्ष पद के प्रत्याशी मयंक जायसवाल
का प्रवेश निरस्त होने के साथ ही बुधवार को नामांकन रद हो गया। इसके लिए
मंगलवार को छात्रों ने प्रदर्शन कर
गोराबाजार के पास करंडा मार्ग पर
चक्काजाम किया था। छात्रों की शिकायत पर की गई जांच के बाद कालेज प्रशासन
और चुनाव संचालन समिति की ओर से उक्त कदम उठाया गया।
पीजी कालेज में
छात्रसंघ के लिए 12 दिसंबर को चुनाव होना है। इसके लिए विभिन्न पदों पर
नामांकन दाखिल किए गए हैं। चुनाव मैदान में उतरे छात्र नेताओं की ओर से
धुआंधार प्रचार भी किया जा रहा है।
उपाध्यक्ष पद पर छह दावेदारों ने
नामांकन दाखिल किया था। हालांकि जांच के बाद अभिषेक कुमार का पर्चा खारिज
कर दिया था। अब चुनाव मैदान में उपाध्यक्ष पद के कुल पांच प्रत्याशी मयंक
जायसवाल, राकेश कुमार मौर्य, सुजीत कुमार, सुनील कुमार यादव तथा सुनील सिंह
यादव रह गए थे।
मंगलवार को पीजी कालेज के छात्रों ने उपाध्यक्ष पद के
प्रत्याशी मयंक जायसवाल द्वारा एमए राजनीतिशास्त्र में लिए गए प्रवेश को
चुनौती दी थी। उनका आरोप था कि बीए में मयंक का राजनीति शास्त्र नहीं था।
ऐसे में एमए राजनीतिशास्त्र में उनका प्रवेश नियमविरुद्ध है।
प्रवेश रद
करने की मांग को लेकर छात्र सड़क उतर आए। मामले को गंभीरता से लेते हुए
कालेज प्रशासन और चुनाव संचालन समिति की ओर से इस मामले की गहन जांच की गई।
मुख्य चुनाव अधिकारी सुजीत कुमार सिंह ने बताया कि जांच के बाद मयंक का
प्रवेश निरस्त कर दिया गया,जिसके
चलते उनका नामांकन स्वत: रद हो गया है।
वहीं इस बाबत उपाध्यक्ष पद के प्रत्याशी मयंक जायसवाल का कहना था कि मुझे
प्रवेश के संबंध में विश्वविद्यालय की नियमावली के बारे में जानकारी नहीं
थी।
प्रवेश संबंधी सभी प्रक्रिया पूरी करने पर महाविद्यालय द्वारा मेरा
प्रवेश लिया गया। नामांकन पत्रों की जांच के बाद मेरे नामांकन को वैध भी
घोषित किया गया। अब साजिश के तहत चुनाव के दो दिन पूर्व मेरा प्रवेश निरस्त
कर दिया गया।