प्रदेश में अन्य राज्यों एवं विदेशों से आयातित खाद्य वस्तुओं पर मंडी शुल्क लगाने के का उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल ने विरोध किया है। व्यापारियों ने बुधवार को शहर में मोटरसाइकिल जुलूस निकाला और जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचकर सभा की। सभा मंडी शुल्क वापस लेने के मांग की गई।
नवा साहब फाटक से कारोबारियों ने मोटरसाइकिल जुलूस निकाला जो नखास, लाल दरवाजा, मिश्रबाजार, महुआबाग होते हुए कचहरी तक पहुंचा। वां जिलाधिकारी कार्यालय परिसर में सभा हुई। सभा में नेताओं ने कहा कि प्रदेश में व्यापारी पहले से ही कई प्रकार के टैक्सों से परेशान हैं।
जनता महंगाई की मार झेल रही है। अब प्रदेश सरकार आयातित वस्तुओं पर मंडी शुल्क लगाकर जनता पर एक और बोझ बढ़ा दिया है। छुहारा, बादाम, काजू, काली मिर्च, किशमिश, खाद्य तेल, पाम आयल, रैपसीड आयल, विदेशी तेल आदि वस्तुओं पर जो मंडी शुल्क लग रहा है, उसको समाप्त किया जाए।
तिलहन पर मंडी शुल्क पहले से लिया जाता है। पाम आयल, रैपसीड आयल विदेशों से आता है। उस पर पहले से ही व्यापारी कर चुकाते हैं। उस पर मंडी शुल्क वसूलना गलत है। ऐसे इससे महंगाई तो बढ़ेगी ही। कर चोरी और भ्रष्टाचार भी बढ़ेगा।
सभा के बाद मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा गया। सभा को जिलाध्यक्ष विजयशंकर वर्मा, कुंभनाथ जायसवाल, महामंत्री संतोष जायसवाल, निर्गुणदास केशरी, नवीन जायसवाल, अविनाश त्रिपाठी, गोपालजी वर्मा, दुर्गाप्रसाद वर्मा, परवेज जमाल, शाहिद अहमद, सुनील वर्मा, गणेश वर्मा, संदीप वर्मा, प्रभात गुप्ता, विनोद विश्वकर्मा, संतोष वर्मा, सोनू गुप्ता, जनार्दन जायसवाल, आनंद गुप्ता, संजीव वर्मा, संजय केशरी, अर्जुन प्रजापति, रविन्द्रनाथ वर्मा, गोपालजी गुप्ता आदि व्यापारी नेताओं ने संबोधित किया।