मिर्जापुर। पड़री थाना में नौ वर्ष पहले किशोरी के साथ दुष्कर्म करने के मामले की सुनवाई करते हुए विशेष न्यायाधीश पाॅक्सो एक्ट चंद्र गुप्त यादव की अदालत ने दोषी को 10 वर्ष के कारावास और 10 हजार के अर्थदंड से दंडित किया ।
पड़री थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी पिता ने 11 अगस्त 2016 को थाने में तहरीर देकर बताया कि पांच अगस्त को सुबह 10 बजे उसकी बेटी स्नान कर कपड़ा बदल रही थी। गांव निवासी आरोपी युवक किशोरी घर में घुसकर बेटी के साथ छेड़खानी करने लगे। उस समय घर पर सिर्फ बहू थी। बहू ने देखा तो आरोपी भाग गया। पत्नी आरोपी के घर गई तो सभी गाली देते हुए मारने चढ़ गए। आठ अगस्त की शाम को भी खेत में मारपीट की थी। तहरीर पर पुलिस ने पहले पाॅक्सो व छेड़खानी में प्राथमिकी दर्ज कर जांच पड़ताल शुरू की। नाबालिग पीड़िता का बयान होने के बाद दुष्कर्म की धारा बढ़ाई गई। आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेजा। पुलिस ने विवेचना कर आरोप पत्र न्यायालय में भेजा। सरकारी अधिवक्ता ने गवाह और साक्ष्य न्यायालय में देकर आरोपी किशोरी को कड़ी से कड़ी सजा देने की की मांग की। विशेष न्यायाधीश पाॅक्सो एक्ट चंद्र गुप्त यादव ने पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्य और गवाहों के बयान के आधार पर किशोरी को दोषी पाते हुए 10 वर्ष के कारावास की सजा सुनाई। साथ ही 10 हजार का अर्थदंड लगाया। अर्थदंड न देने पर तीन माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।