गाजीपुर। कोरोना संक्रमण काल में शासन जहां उपचार की बेहतर सुविधा उपलब्ध कराने को लेकर दिन-रात लगा हुआ है। वहीं लॉकडाउन के दौरान आर्थिक रुप से कमजोर वर्ग के लोगों के भरण-पोषण का ख्याल रख रहा है। इसके तहत रेहड़ी, ठेला, खोमचा, हलवाई एवं नाई सहित ऐसे लोगों को चिह्नित कर पात्रता सूची में शामिल किया जा रहा है। नगर पालिका परिषद एवं नगर पंचायत की ओर से टीम गठित कर इसके लिए सर्वे कराया जा रहा है, वहीं उनके सत्यापन में भी टीम जुटी हुई है। बीते वर्ष लॉकडाउन में नगर पालिका एवं नगर पंचायतों के ऐसे चार हजार से अधिक पात्रों को भरण-पोषण के लिए एक हजार रुपये की सहायता दी गई थी।
नगर पालिका परिषद की ओर से आर्थिक रुप से कमजोर वर्ग के लोगों को चिन्हित करने के लिए 11 टीमें गठित की गई हैं। इसमें 14 कर्मचारी सर्वे कार्य में जुटे हुए हैं, जबकि छह पर्यवेक्षणीय अधिकारी के रुप में तैनात हैं। इनके द्वारा जहां 15 दिन में पात्रता सूची तैयार की जाएगी। वहीं सत्यापन के बाद पोर्टल पर अपलोड किया जा सकेगा। बीते वर्ष लॉकडाउन में 34 पात्रों को भरण-पोषण के लिए धनराशि प्रदान की गई थी। वहीं सादात नगर पंचायत में निगरानी समिति का गठन किया गया है। इसमें डायट के दो शिक्षक, प्रत्येक वार्ड के सभासद, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, 11 कर्मचारी को मिलाकर टीम गठित हुई है। अब तक 250 लोगों का आधार एवं पासबुक जमा कराया जा चुका है। पिछले वर्ष 719 पात्रों को धनराशि उपलब्ध कराई गई थी। जंगीपुर के 11 वार्ड के लिए चार लोगों की टीम बनाई है। अब तक 170 लोगों को चिन्हित किया जा चुका है। कोरोना संक्रमण के प्रथम लहर के दौरान लगे लॉकडाउन के दौरान 921 लोगों को धनराशि दी गई थी। दिलदानगर में पांच टीम, एक पर्यवेक्षणीय अधिकारी पात्रता सूची तैयार करने में जुटे हैं। बीते वर्ष 632 पात्रों को धनराशि दी गई थी। जमानिया में बीते वर्ष पात्रता सूची में शामिल 940 लाभार्थियों का भौतिक सत्यापन कराया जा रहा है। मुहम्मदाबाद में 25 टीमों द्वारा कार्य किया जा रहा है। जबकि 457 लाभार्थियों को बीते वर्ष लाभ दिया गया था। सैदपुर नगर पंचायत में चार टीमें लगी हैं। 1100 पात्रों को पिछले लॉकडाउन में भरण-पोषण के लिए धनराशि प्रदान की गई थी।