वर्ष 2009 में करंडा के सबुआ निवासी कपिलदेव सिंह हत्याकांड और मुहम्मदाबाद के मीर हसन हत्या के प्रयास की साजिश के मामले को गैंगचार्ट में शामिल कर मुहम्मदाबाद पुलिस ने मुख्तार के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत मुकदमा पंजीकृत किया था।
कपिलदेव सिंह हत्याकांड में मुख्तार पहले ही बरी हो चुका है। वहीं मीर हसन हत्या के प्रयास के मामले में भी बीते 17 मई को बरी हो चुका है। आज इसी मामले में कोर्ट अपना फैसला सुनाना था।