स्पेशल प्रोजेक्ट फॉर इक्विटी के अंतर्गत मीना मंच एवं पावर एंजल के सशक्तीकरण और नेतृत्व क्षमता विकसित करने के लिए ब्लॉक स्तरीय कार्यशाला का आयोजन सोमवार को ब्लॉक संसाधन केंद्र के सभागार में किया गया।
इस मौके पर स्कूली छात्राओं को आत्मनिर्भर बनने, गुड टच और बैड टच की पहचान, आत्म-सुरक्षा के उपाय एवं अन्य महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की गई। छात्राओं को उनके अधिकारों एवं सुरक्षा उपायों के प्रति जागरूक किया गया।
प्रशिक्षक के रूप में डायट प्रवक्ता डॉ. साजिया रशीदी ने कहा कि कार्यशाला का उद्देश्य छात्राओं को आत्मनिर्भर बनाना और उनकी सुरक्षा निश्चित करना है।
प्रशिक्षक एआरपी सदर रिंपू सिंह ने कहा कि ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम छात्राओं को जागरूक बनाते हैं और उन्हें आत्मरक्षा के लिए तैयार करते हैं।
यह समाज में सकारात्मक बदलाव लाने का महत्वपूर्ण कदम है। प्रतिभा सिंह सहित अन्य प्रशिक्षकों ने छात्राओं को आत्मरक्षा के विभिन्न उपायों से अवगत कराया और उनके सवालों के उत्तर भी दिए। प्रशिक्षण में कुल 51 परिषदीय विद्यालयों के नोडल शिक्षकों ने भाग लिया। इसके समापन के अवसर पर प्रतिभागियों को प्रमाणपत्र भी वितरित किया गया।
प्रतिभागियों में किरण लता, विभा यादव, बिंदु गुप्ता, अर्चना सिंह, भूपेंद्र कुमार धर्मराज आदि उपस्थित थे। कार्यशाला का संचालन महिला शिक्षक संघ की ब्लॉक अध्यक्ष प्रतिभा सिंह ने किया।