11 मई से ही गुजरात के पूर्व गृह मंत्री व भाजपा उपाध्यक्ष गोवर्धन झड़ापिया, पूर्व मंत्री नितिन भाई पटेल, विधायक पादरा वडोदरा चैतन्य सिंह झाला, भाजपा महासचिव गांधीनगर धर्मेंद्र सिंह बघेल, पूर्व विधायक बालासिनोर महिसागर राजेश पाठक उर्फ पप्पू, भाजयुमो प्रदेश उपाध्यक्ष अभिषेक पटेल के अलावा मुरादाबाद, चित्रकूट, शाहजहांपुर, सहारनपुर, कानपुर आदि स्थानों से संगठन के नेता और पदाधिकारी जिले में हैं। इनमें कई पूर्व मंत्री और विधायक भी शामिल हैं, जो सामान्य कार्यकर्ताओं की तरह जिले के अलग-अलग हिस्सों में विधानसभा प्रचार-प्रसार के लिए जा रहे हैं। साथ ही चुनावी मैनेजमेंट में भी सहयोग कर रहे हैं।
उधर, पीएम के रैली प्रभारी एवं भाजपा प्रदेश मंत्री बसंत त्यागी, रैली सह प्रभारी विधायक राजीव गुंबर, जिला प्रभारी राकेश त्रिवेदी, राज्यसभा सांसद डॉ. संगीता बलवंत आदि के साथ बैठक भी कर रणनीति बनाने में जुटे हैं।
जौनपुर, आजमगढ़ और भदोही जिले के पांच लोकसभा सीट के लिए 25 मई को मतदान होगा। इसके बाद यहां चुनावी समर में उतरे भाजपा-सपा के प्रत्याशी गाजीपुर में प्रचार करने के लिए डेरा जमा लेंगे। वे अपनी-अपनी बिरादरी का वोट पार्टी की ओर से चुनाव लड़ रहे प्रत्याशी के पक्ष में बंटोरने की कोशिश करेंगे। गाजीपुर सीट पर 14 प्रतिशत से अधिक यादव मतदाता हैं। ऐसे में भाजपा इन्हें अपने पक्ष में वोट लाने के लिए जिले के टड़वा टप्पा सौरी गांव दिनेश लाल निरहुआ तो सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के चचेरे भाई धर्मेंद्र यादव को लगा रही है। दोनों आजमगढ़ में भाजपा-सपा से एक दूसरे के खिलाफ लोकसभा चुनाव भी लड़ रहे हैं।
इसके अलावा करीब 8 प्रतिशत कुशवाहा बिरादरी को सपा के पक्ष में माहौल बनाने के लिए सपा अपने जौनपुर से प्रत्याशी बाबूसिंह कुशवाहा का भी सहारा लेगी। इसी तरह भाजपा भी जौनपुर प्रत्याशी व महाराष्ट्र के पूर्व गृहमंत्री कृपाशंकर सिंह और उनकी टीम को भी बुलाएगी।
कृपाशंकर सिंह की करंडा इलाके में रिश्तेदारी भी है और गाजीपुर संसदीय क्षेत्र में करीब 7 प्रतिशत क्षत्रिय मतदाता भी है। वहीं संसदीय क्षेत्र के नजदीक केराकत विधायक तूफानी सरोज और मछलीशहर से सपा की प्रत्याशी उनकी बेटी प्रिया सरोज भी सपा प्रत्याशी के पक्ष में माहौल बनाने आ सकती हैं। जिले में इनकी बिरादरी का 1.2 प्रतिशत वोट है।