सत्ता का संग्राम के दौरान नेताओं से चर्चा
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लोकसभा चुनाव को लेकर अमर उजाला का चुनावी रथ 'सत्ता का संग्राम' मतदाताओं का सियासी मूड जानने निकला है। सोमवार को चुनावी रथ गाजीपुर लोकसभा क्षेत्र में रहा। सुबह आम लोगों से चाय पर चर्चा और दोपहर में युवाओं के मुद्दों पर चर्चा की गई। वहीं शाम को राजनीतिक दलों के नेताओं से बातचीत कर उनके दावे और वादे को जानने का प्रयास किया गया।
गाजीपुर रेलवे स्टेशन पर शाम पांच बजे सभी दलों के नेताओं का जमावड़ा लगा। इस दौरान भाजपा नेता ने गाजीपुर के विकास का दावा किया तो विपक्ष नेता ने कहा कोई काम नहीं हुआ। इस दौरान नेताओं में तीखी बहस भी हुई। मणिपुर घटना, किसानों का मामला और राम मंदिर समेत अग्निवीर का मुद्दा उठाया गया। शिक्षक भर्ती पर लोगों ने कहा कि हर साल 1200-1500 देकर यूपी टेट का फार्म भर रहे हैं, लेकिन शिक्षकों की भर्ती नहीं हो रही। वहीं जो भर्तियां निकल भी रहीं उसके पेपर लीक हो जा रहे हैं।
अभिनव सिंह ने कहा कि भाजपा ने जब पारसनाथ राय को उम्मीदवार घोषित किया तो लोगों को पता ही नहीं चला कि वो कौन है। वहीं शशिकांत शर्मा ने कहा कि गाजीपुर में भाजपा ने बहुत विकास किया। भाजपा से 2014 में जीत हासिल करने वाले मनोज सिन्हा के कार्यकाल में जिले को विकास की दिशा मिली। वहीं सबीर सिंह कहते हैं कि भाजपा ने कोई काम नहीं किया। वहीं शिवम राय कहते हैं कि मनोज सिन्हा ने विकास के नाम पर वोट पाया था। भाजपा पत्याशी पारसनाथ राय 42 साल से संघ और पार्टी के लिए काम कर रहे हैं। उधर, अजय श्रीवास्तव ने कहा कि गठबंधन की जीत होने जा रही है।
वहीं अनिल कुमार सिंह कहते हैं कि स्थानीय मुद्दों को कोई नेता नहीं उठा रहे हैं। प्रवीण दुबे ने कहा कि भाजपा उम्मीदवार पारसनाथ राय नकल माफिया के नाम से जाने जाते थे। भाजपा ने नकल माफिया को टिकट दिया है। कहा कि अफजाल अंसारी 2019 में जब चुनाव जीते उसके बाद सदन में 5 साल में 13 दिन ही शामिल हुए थे।
सबीर सिंह ने कहा कि भाजपा बिना मुसलमान के नाम लिए नहीं रह पा रही है। वह मुस्लिमों को बांटना चाहती है। शशांक उपाध्याय ने कहा कि भाजपा सरकार में सेना की भर्ती नहीं की जा रही है। पुरानी पेशन बहाल किया जाना चाहिए। सभी भर्तियों को बहाल करना चाहिए। लोगों ने राम मंदिर के मुद्दे पर भी जमकर बहस किया।
कुछ लोगों ने कहा राम को लाए हैं, राम के वंशज हैं। इस पर विपक्ष ने कहा राम तो भगवान हैं उनको कौन ला सकता है। इतने बड़े वंशज हैं तो कितनी बार वहां माला चढ़ाने गए। विपक्ष ने कहा कि महंगाई चरम पर है कहा कि गाजीपुर में केवल पकौड़ा, चाय और समोसा बेचने का सिर्फ रोजगार मिला है। बीएसएनएल ऑफिस में कर्मचारी रो रहे हैं।