स्वच्छता अभियान के तहत नगर क्षेत्र में 180 स्थायी सफाई कर्मियों की तैनाती की गई है। साफ-सफाई की व्यवस्था को और बेहतर बनाने के लिए नगर पालिका क्षेत्र में आउट सोर्सिंग के जरीए संविदा पर करीब 140 सफाई कर्मी भी रखे गए थे। ये कर्मचारी घर-घर कूड़ा ट्राली लेकर कूड़ा बटोरने के काम करते थे। लेकिन नगर में एक अप्रैल से संविदा पर रखे सफाई कर्मचारियों का एक साल पूरा होने पर उन्हें हटा दिया गया है। अब घर-घर जाने वाली कूड़ा ट्राली मुहल्लों और घरों तक नहीं पहुंच रही हैं। इससे जगह-जगह कूड़े का अंबार लगा हुआ है।
नगर क्षेत्र में संविदा कर्मियों के हटने से कूड़ा-कचरा बढ़ता जा रहा है। घर और आस-पास के इलाके को साफ-सुथरा और ठीक-ठाक रखना और भी मुश्किल होता जा रहा है। शहर के सभी मुहल्लों की साफ-सफाई के लिए नगर पालिका की ओर से स्थायी सफाई कर्मी तैनात किए गए हैं। अब उनसे ही साफ-सफाई कराया जा रहा है। ऐसे में शहर के बीच कदम-कदम पर कचरा पसरा हुआ है। जिसमें स्थाई तौर पर 110 और संविदा पर 70 सफाई कर्मियों की तैनाती की गई है। शासन की ओर से स्थायी तौर पर तैनात सफाई कर्मियों को प्रत्येक माह करीब 22 हजार रुपये और संविदा पर तैनात कर्मियों को करीब 14 हजार रुपये मानदेय भी दिया जाता है। बावजूद आउट सोर्सिंग सफाई कर्मियों के लिए टेंडर निकालकर कर्मियों की तैनाती की जाती है। यह टेंडर नये सत्र में कब निकाला जाएगा अभी तक निश्चित नहीं हुआ है।
उधर ब्लाक स्तर पर तैनात सफाई कर्मियों की संख्या तो करीब तीन हजार है और मानदेय के रूप में इन्हें करीब प्रत्येक माह 17 से 18 हजार रुपये दिए जाते हैं। नगरीय इलाके में जगह-जगह नालियों की साफ-सफाई न होने से बजबजा रही हैं। इसके चलते लोगों में संक्रामक रोग के फैलाव की भी संभावना बढ़ती जा रही है। इस संबंध में नगर पालिका ईओ जितेंद्र कुमार आनंद ने बताया कि बहुत जल्द संविदा कर्मियों की तैनाती की जाएगी। इसका टेंडर बहुत जल्द निकाला जाएगा। संविदा कर्मियों की अनुपस्थिति में स्थायी रूप से तैनात नपा के सफाई कर्मियों से साफ-सफाई कराई जा रही है।