जनपद में लाइनमैनों को सुरक्षा किट नहीं दी जा रही है। लाइनमैन बिना सुरक्षा किट के ही बिजली के खंभों पर चढ़कर फाॅल्ट दुरुस्त कर रहे हैं। नियमानुसार लाइनमैनों को सुरक्षा किट मिलनी चाहिए। सुरक्षा किट बहुत हद तक हादसे के समय लाइनमैनों का जीवन बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
जिले में कुल 5.31 लाख उपभोक्ता हैं। इनको निर्बाध बिजली आपूर्ति करने के लिए जनपद में कुल 71 बिजली उपकेंद्र हैं। अक्सर तकनीकी फाॅल्ट आ जाने के कारण निर्बाध बिजली आपूर्ति प्रभावित होती है। फाॅल्ट ठीक करने के लिए बिजली निगम में आउटसोर्स पर 900 लाइनमैनों की तैनाती की गई है।
लाइनमैन संबंधित जगहों पर फाॅल्ट मिलने की सूचना पर पहुंचकर लाइनमैन फाॅल्ट दुरुस्त करते हैं। नियमानुसार लाइनमैनों को सुरक्षा किट मिलनी चाहिए लेकिन अक्सर यह देखने में आता है कि लाइनमैन बगैर सुरक्षा किट के ही बिजली पोल पर चढ़कर कार्य करते हैं। इससे उनकी जान जोखिम में रहती है।
बीते दो मार्च को भांवरकोल क्षेत्र के लठठूडीह में एक लाइनमैन की जान चली गई थी।
हादसे के वक्त लाइनमैन के पास सुरक्षा किट नहीं थी। यदि किट होती तो शायद उनकी जान बच सकती थी। प्रकरण में प्रदेश के ऊर्जा मंत्री एके शर्मा की ओर से कड़ी कार्रवाई की गई। एसएसओ को बर्खास्त करने के साथ ही जेई और एसडीओ को निलंबित कर दिया गया था।